परमार्थ निकेतन के पास बने घाट को हमेशा आम जनता के लिए खोलने के निर्देश

जनहित याचिका पर सुनवाई तक कोई निर्माण कार्य नहीं होगा 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

नैनीताल : ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में लीज की जमीन के मामले में हाई कोर्ट ने सोमवार को दोबारा डीएम पौड़ी को रिपोर्ट लाने का आदेश दिए है। कोर्ट डीएम पौड़ी द्वारा दाखिल रिपोर्ट से संतुष्ट नही हुई। याचिका में कहा गया है कि परमार्थ निकेतन द्वारा घाट और गंगा नदी में अतिक्रमण किया गया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और आलोक वर्मा की बेंच में हुई।

सोमवार को हाईकोर्ट ने परमार्थ निकेतन के पास बने घाट को हमेशा आम जनता के लिए खोलने के निर्देश जारी किए हैं साथ ही कोर्ट ने आदेश दिए है कि जबतक जनहित याचिका पर सुनवाई जारी है कोई निर्माण कार्य नही होना चाहिए।

परमार्थ निकेतन को दी गई 2.3 एकड़ जमीन की लीज 1978 में खत्म हो चुकी है। ये जमीन 1957  में 5 साल के लिए दी गई फिर लीज 1975 में दी गई जिसमें 1964 से जमीन 15 साल के लिए 50 रु प्रति वर्ष के लिए दी गई जो 1978 में खत्म हो गई।तब से लीज नही बढ़ाई गई है। याचिका हाइकोर्ट में अधिवक्ता विवेक शुक्ला की तरफ से दायर की गई है। 

Advertisements