हस्तशिल्प से देश के एक करोड़ युवाओं को दिया जाएगा रोजगार

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बागेश्वर : केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि हस्तशिल्प विकास पर छह हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बुनकरों, शिल्पकारों और रेशम पालकों का कलस्टर आधारित विकास किया जाएगा। इससे देश में एक करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा।

टम्टा ने सोमवार को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि उत्तराखंड में हस्तशिल्प की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार ने बुनकरों, शिल्पकारों और रेशम पालकों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी है। कलस्टर आधारित विकास पर जोर दिया जा रहा है। अभी उत्तराखंड में 15 मीट्रिक टन मालबारी रेशम का उत्पादन किया जा रहा है।

इसकी पूरे देश में मांग है। इसके उत्पादन को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां ऊन उत्पादन को बढ़ाने के लिए मेरिनो भेड़ के अलावा आस्ट्रेलियन प्रजाति की भेड़ पालन को भी बढ़ावा दिया जाने का प्रस्ताव है। इससे गुणवत्ता तो सुधरेगी ही, बुनकरों को आसानी से बाजार भी उपलब्ध होगा।

खड़िया हस्तकला का होगा विकास

टम्टा ने कहा कि बागेश्वर में खड़िया काफी मात्रा में है। इसमें भी रोजगार की बड़ी संभावनाएं है। खड़िया पत्थर से नक्काशीदार कलाकृतियां और मूर्तियां बनाई जाती हैं जिनकी बाजार में बड़ी मांग है। अगले चरण में यहां अत्याधुनिक प्रशिक्षण देकर युवाओं को इस हस्तकला से जोड़ा जाएगा।

नई तकनीक से बनेगी रेल लाइन
टम्टा ने कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन नई तकनीक से बनाई जाएगी। इसमें प्रस्तावित पंचेश्वर बांध की वजह से दिक्कत आ रही है। इस कारण सुरंग बनाकर रेल लाइन निकालने का प्रस्ताव है। इस रेल लाइन का निर्माण कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

पंचेश्वर में होगा जल परिवहन
पंचेश्वर बांध में एशिया के सबसे बड़े जल परिवहन क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 90 किमी लंबी झील बनाई जाएगी। इसके बनने बाद यहां यात्रा सुगम होगी और लोगों का समय भी बचेगा।