गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानीः उत्तराखंड में होली से पहले ही होली सा जश्न

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त्रिवेंद्र ने गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की दिशा में उठाया बड़ा कदम

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

 देहरादून।   मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने से राज्यभर में जश्न मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जहां एक ओर होली से पहले ही प्रदेशवासियों को तोहफा दे दिया, वहीं राज्य में होली पर्व से पहले ही होली की खुशियों का माहौल है।  उम्मीद जताई जा रही है कि यह साहसिक कदम गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी बनाएगा। गैरसैंण में भाजपा नेता, कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने होली खेलकर खुशी का इजहार किया। स्थानीय निवासियों ने भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत सहित अन्य नेताओं को गुलाल लगाकर खुशियां मनाईं।

भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने होली मिलन का आयोजन किया। होली मिलन में मुख्यमंत्री का स्थानीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों ने जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक वंशीधर भगत का भी स्थानीय जनता ने जोरदार स्वागत किया।

 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के बाद देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखंडवासी बधाई दे रहे हैं। उत्तराखंड राज्य की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों का विकास एवं सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राज्य आन्दोलनकारियों एवं प्रदेश की जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा के बाद जनता में कितना उत्साह है, यह इससे साबित होता है कि बड़ी संख्या में लोग गैरसैंण पहुंचकर एक दूसरे को होली के रंग लगा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता एवं जन प्रतिनिधियों के साथ होली खेली।

उधर, इस ऐतिहासिक फैसले की राज्य के गठन के समय से ही मांग उठ रही थी। इस दिशा बड़ी पहल होने पर पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। राज्य निर्माण आंदोलनकारियों ने इस फैसले का समर्थन करते हुए इसको पर्वतीय राज्य के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि यह वास्तव में राज्य के विकास के रोडमैप को धरातल पर लाएगा। राज्य के विकास में तेजी आएगी।

सोशल मीडिया पर इस निर्णय़ को व्यापक रूप से समर्थन मिल रहा है। कहा जा रहा है कि यह फैसला स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार राज्य के विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है, वहीं उस अवधारणा को भी धरातल पर लाने का कार्य शुरू हो गया है, जिसको लेकर राज्य निर्माण के लिए बड़ा आंदोलन चलाया गया था।

उत्तराखंड आंदोलन के तत्कालीन संयुक्त छात्र संगठन के केंद्रीय संयोजक रहे विनोद रावत ने त्रिवेंद्र रावत की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान है। 

राज्य के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहने वाले पलायन एक चिंतन के प्रणेता रतन सिंह असवाल ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के फैसले को साहसिक कदम बताया। निसंदेह यह कदम गैरसैंण के स्थायी राजधानी बनने की बुनियाद साबित होगा।