केदारनाथ पैदल मार्गों पर चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान मिले चार नर कंकाल

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केदारनाथ आपदा में लापता शरीरों की खोजबीन कर रही सर्च टीम

डीएनए सैंपलिंग के बाद धार्मिक रीति रिवाज के साथ किया गया सोनप्रयाग सोन नदी संगम पर अंतिम संस्कार 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
गुप्तकाशी : 2013 में आई केदारनाथ आपदा में लापता मृत शरीर और नर कंकाल की खोजबीन के लिए निकली टीम को काफी मशक्क्त के बाद चार नर कंकाल मिले हैं। इन सभी का नर कंकालों को सोनप्रयाग में विधिवत पंचायतनामा भरे जाने के साथ ही डीएनए सैंपलिंग लेने के बाद सोन नदी के संगम पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
गौरतलब हो कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान लापता हुए लोगों के मृत शरीर, नर कंकाल खोजे जाने के लिए 16 सितम्बर से रुद्रप्रयाग स्तर पर 10 टीमों का गठन किया गया था। इसमें पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया गया था। अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा किया गया। यह सभी टीमें 10 अलग-अलग मार्गों (ट्रैकों) के लिए रवाना हुई थी। पांच दिनों तक खोबजीन अभियान चलाया गया। काफी खोजबीन के बाद केदारनाथ से गरुड़ चट्टी होते हुए गोमुखड़ा, तोषी, त्रिजुगीनारायण से सोनप्रयाग की ओर गई टीम को बीती सायं गोमुखड़ा से नीचे गौरी माई खर्क के करीब चार नर कंकाल बरामद हुए हैं।
यह टीम नर कंकालों को बैग में रखते हुए सोनप्रयाग लाई जहां पंचायतनामा भरने के बाद डीएनए सैंपलिंग करते हुए धार्मिक रीति रिवाज के साथ सोनप्रयाग सोन नदी संगम पर अंतिम संस्कार किया। पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि नर कंकालों की ढूंढ खोज के लिए जिला स्तर पर चलाए गए अभियान का अब समापन हो गया।