मोरी-आराकोट आपदा: 13 शव बरामद, राहत-बचाव कार्य जारी

हमारी पहली प्राथमिकता घायलों का इलाज कराना : मुख्यमंत्री 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों से लौटने के बाद बताया कि आपदा में मृतकों को चार-चार लाख रूपये और मृत पशुओं को मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आपदा से कुल 70 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र प्रभावित हुआ है और 51 गांव प्रभावित हुए हैं। जबकि 15 लोग आपदा में मारे गए हैं। उन्होंने बताया आपदा में दो मोटर पुल दो पैदल पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि 14 किलोमीटर बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुए हैं। अभी तक 130 करोड़ के नुकसान का आकलन हुआ है।

उन्होंने बताया कि आपदाराहत इलाकों में भोजन टेंट दवा लाइट आदि की व्यवस्था की गयी है। टिकोची, मकोडी चिंवा आदि जगहों पर हवाई मार्ग से भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है। यहां प्रभावित गांवों के पास दस हेलीपैड बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया सेना के चार हैलीकॉप्टर राहत और चाव कार्यों के लिए तैनात किये गये हैं। उन्होंने बताया कि टिकोची तक का मार्ग ठीक हो चुका है। मार्ग खोलने के लिए छह जेसीबी लगे हुए हैं। 40 गांवों मे विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गयी है। पेयजल ठीक किया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में तीन आपदा राहत केंद्र संचालित केंद्र जा रहे हैं ।

वहीं मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक 59 लोगों की जान गयी है और 52 लोग घायल हुए हैं। जबकि आपदा से निपटने के लिए 320 करोड़ से अधिक धन की व्यवस्था की गयी हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के पास आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त धन है। जल्द ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए पुलों के पर्याप्त निर्माण किये जाएंगे।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र और अन्य निर्माण शीघ्र ही शुरू कर दिए जाएंगे।

उत्तरकाशी (मोरी) : उत्तरकाशी में रविवार को आई आपदा के बाद राहत एंव बचाव कार्य अभी भी जारी है। मंगलवार को भी NDRF की ओर से मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है। वहीं प्रशासन की ओर से तीन चॉपर में की चक्कर लगाकर खाद्य सामग्री आपदा प्रभावितों के लिए पहुंचाई जा रही है। जबकि यहां के दर्जनों गांवों में मृतक संख्या 13 पहुंच गई, जबकि लगभग 15 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। 

वहीं मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट और सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह भी प्रभावितों से मिलने आराकोट पहुंचे। उन्होंने इस दौरान आपदा प्रभावितों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता घायलों का इलाज कराना है। वहीं आपदा में बेघर हुए लोगों को आवास उपलब्ध कराना है। आपदा प्रभावितों के लिए हर जरूरी मदद की जा रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री व उनके साथ गए नेताओं से आराकोट, माकुडी, टिकोची, किराणु, चीवां, बलावट, दुचाणु, डगोली, बरनाली, गोकुल, मौंडा गांव का स्थलीय एवं हेलीकाॅप्टर से निरीक्षण किया, यहां आपदा से सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इसके बाद मुख्यमंत्री हवाई मार्ग से ही त्यूनी भी गए । 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र आराकोट में दैवीय आपदा से पीड़ित लोगों से मिले और ढांढस बंधाया तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने आराकोट इंटर कालेज में बनाए गए बेस कैंम्प व दैवीय आपदा से हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आपदा में मारे गए परिजनों को दैवीय आपदा के मानकों के अनुसार शीघ्र मुआवजा राशि दी जाएगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक मृत के परिजनों को 4-4 लाख की धनराशि दी जाएगी। घायलों का ईलाज निःशुल्क सरकार के द्वारा किया जा रहा हैं। बेघर हुए लोगों के लिए ग्राम समाज की भूमि का चयन करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए गए हैं।

NDRF को अभी तक 13 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। छह से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। सोमवार को प्रभावित क्षेत्र में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। आपदा प्रभावित गांवों से दस घायलों का रेस्क्यू किया गया। इनमें सात लोगों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से देहरादून भेज दिया गया। 

अभी तक माकुड़ी से 6, आराकोट से 4 और सनेल व टिकोची से एक-एक शव बरामद हुआ है, जबकि इन गांवों से सात लोग अभी भी लापता चल रहे हैं। एसडीआरएफ ने लाल बाहदुर(60) का भी शव बरामद कर लिया है। अब मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई है। मंगलवार को भी एक शव बरामद हुआ है। हालांकि अभी तक प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। 

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