• पारे में उछाल की चेतावनी ने उड़ाई वन विभाग की नींद
  • पिछले 24 घंटे में  129 स्थानों पर बुझाई गई जंगलों में लगी आग
  •  प्रदेशभर में बुधवार शाम तक 80 स्थानों पर धधक रहे थे जंगल
  • आग पर नियंत्रण से इतर वनकर्मियों से कोई कार्य न लिए जाने के निर्देश

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून: प्रदेश में पारे में उछाल के साथ ही जंगलों की आग विकराल रूप धारण करने लगी है। वहीं मौसम विभाग की तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी को देखते हुए वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सभी वन प्रभागों के साथ ही नेशनल पार्क व सेंचुरियों के प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वन कर्मियों से आग पर नियंत्रण के अलावा अन्य कोई कार्य न लिया जाए। पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ ही वनकर्मियों को अपने मोबाइल व वायरलेस सेट चौबीसों घंटे खुले रखने को कहा गया है।

इस बीच पिछले 24 घंटे में प्रदेशभर में 129 स्थानों पर आग बुझाई गई। इसके साथ ही उत्तराखंड में इस फायर सीजन में अब तक जंगल की आग की घटनाओं की संख्या बढ़कर 1099 पहुंच गई है। इस बीच गत दिवस लैंसडौन वन प्रभाग में आग बुझाते वक्त गिरने से एक कर्मचारी भी घायल हुआ। वहीं, बुधवार देर शाम तक 80 स्थानों पर जंगल सुलग रहे थे।

मौसम के करवट बदलने के साथ ही तापमान में बढोतरी होने पर राज्य में जंगल धू-धूकर सुलगने लगे हैं। आग अब विकराल होने लगी है। अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मंगलवार शाम तक राज्य में आग की 970 घटनाएं हो चुकी थीं। बुधवार शाम तक इनकी संख्या बढ़कर 1099 पहुंच गई। यानी 129 का इजाफा। हालांकि, इन घटनाओं में आग पर काबू पा लिया गया था। देर शाम 80 से अधिक स्थानों पर जंगलों में आग की सूचना विभाग को भारतीय वन सर्वेक्षण से मिली थी।

इस बीच मौसम विभाग की उस चेतावनी ने वन विभाग की पेशानी पर बल डाल दिए, जिसमें अगले कुछ दिनों तक तापमान में और इजाफा होने की बात कही गई है। नोडल अधिकारी (वनाग्नि) प्रमोद कुमार सिंह के अनुसार इसे देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जगह-जगह आग की घटनाओं के मद्देनजर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है।

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