• मृतक की जेब से मिले पत्रों के आधार पर माना आत्महत्या
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं हुआ मौत के कारणों को खुलासा
  • प्रमाणिकता के लिए पत्रों की पुलिस कराएगी फॉरेंसिक जांच

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

लक्सर (हरिद्वार) : क्षेत्र के ढाढेकी गांव निवासी किसान ईश्वरचंद की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के बयानों और उनके स्तर से पुलिस को सौंपे गए पत्रों के आधार पर फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। परिजनों ने पुलिस को जो पत्र सौंपे हैं, उनमें आत्महत्या के कई कारणों का उल्लेख किया है। इनमें से एक पत्र के आखिर में भाजपा सरकार की किसान नीतियों से परेशान होने का जिक्र भी किया गया है। परिजनों ने एक स्थानीय व्यक्ति पर बैंक की कर्ज वापसी के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है।

पुलिस उपाधीक्षक राजन सिंह और कोतवाल वीरेंद्र सिंह के अनुसार ये पत्र ईश्वरचंद ने ही लिखे हैं, इसकी पुष्टि के लिए इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रकरण की हर पहलू से जांच की जा रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ढाढेकी गांव निवासी 65 वर्षीय किसान ईश्वरचंद की सोमवार सुबह करीब छह बजे तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्सर ले गए, उस वक्त एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा अस्पताल परिसर में बने आवास पर थे। ईश्वरचंद्र के मुंह से झाग निकलता देख उन्होंने परिजनों को उसे हरिद्वार जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन परिजन उन्हें सरकारी अस्पताल की बजाय रुड़की स्थित एक निजी अस्पताल के लिए लेकर चले। रास्ते में ही ईश्वरचंद ने दम तोड़ दिया।

कुछ देर बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे ही थे कि लक्सर कोतवाली पुलिस भी मौके पर आ गई। बताया गया कि गांव के ही एक व्यक्ति की सूचना पर पुलिस उनके घर पहुंची। यहां किसान के बेटे अक्षय ने डायरी के पन्ने पर लिखे तीन-चार पत्र उनकी जेब से निकालकर पुलिस को सौंपे। जिनमें लिखा गया था कि कर्ज के जाल में फंसकर उसे अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

पुलिस के अनुसार जांच पड़ताल में सामने आया कि ईश्वरचंद ने बैंक से पांच लाख रुपये कर्ज लिया हुआ था। स्थानीय एक व्यक्ति ने उसे यह कर्ज दिलाया था। इसकी एवज में किसान ने उसे कुछ ब्लैंक चेक दिए थे। किसान इसी व्यक्ति के जरिये बैंक के कर्ज की अदायगी करता था। पुलिस के अनुसार उक्त व्यक्ति ने कुछ रकम बैंक में जमा कराने की बजाय खुद हड़प ली। इसके बाद भी वह किसान पर रुपये देने का दबाव बन रहा था। इस बीच, उसने ईश्वर चंद के दिए कुछ चेक बैंक में जमा कर दिए, जो बाउंस हो गए थे। इस पर उसने किसान के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया था। पुलिस के अनुसार इसके चलते किसान कुछ दिनों से परेशान चल रहा था।

एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने बताया कि परिजनों के स्तर से पुलिस को सौंपे गए पत्रों को हैंडराइटिंग मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। इन पत्रों पर लिखावट किसकी है, लैब की रिपोर्ट आने पर ही इस बारे में पता चल पाएगा।

 

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