-विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने व भ्रष्ट्राचार का लगाया आरोप 

-बीडीसी सदन में निन्दा प्रस्ताव पारित,सीबीआई जांच की मांग

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

रुद्रप्रयाग। बृहस्पतिवार को क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजकुमारी रावत की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक आहूत की गई, जिसमें विधायक भरत सिंह चौधरी ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने वन विभाग पर कमीशनखोरी का आरोप लगाकर विभाग के कार्यो की सीबीआई जांच तक की मांग की। बैठक में विधायक ने कहा कि वन विभाग विकास में अवरोधक है। 

विकास कार्यो में जहां रोक लगनी हो वन विभाग को बुला दो। विधायक ने वन विभाग के कार्यो की सीबीआई जांच की बात कही। कहा कि वे दावे के साथ कह सकते हैं कि वन विभाग में बीस प्रतिशत कार्य और अस्सी प्रतिशत कमीशन का खेल खेला जा रहा है। बता दें कि रुद्रप्रयाग विधानसभा में दो दर्जन से ज्यादा सड़कें वन विभाग की आपत्ति के कारण लटकी हुई हैं, जिसे लेकर विधायक वन विभाग से काफी खफा हैं।

विकास कार्यो में रोड़ा अटकाने से वन विभाग के खिलाफ विधायक चौधरी ने सदन में नाराजगी व्यक्त की। विधायक भरत चैधरी ने वन विभाग के खिलाफ बीडीसी जखोली के बीडीसी सदन में निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग विकास कार्यो में जानबूझकर अवरोध पैदा कर रहा है। विकास कार्यों में रोड़ उत्पन्न करने के लिए वन विभाग माहिर है। विभाग को मालूम है कि विकास कार्यों में दिक्कतें कैंसे पैदा की जा सकती है और अपना कमीशन किस तरह से निकाला जा सकता है।

भाजपा विधायक भरत चौधरी की तेज तर्रार आवाज सुनकर जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी हैरान रह गये। हरकोई हैरान रह गया कि विधायक चौधरी इस तरह से क्यों आक्रोशित हो गये। वे इतना सब कहने के बाद भी नहीं रूके और वन विभाग पर भारी कमीश्नखोरी का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा कि  वन विभाग जो कार्य स्वयं करवाता है, उसमें भारी भ्रष्ट्राचार है। वन विभाग के कार्यो में 80 प्रतिशत कमीशन और 20 प्रतिशत ही कार्य जमीन पर हो रहे हैं। इसलिए वन विभाग रुद्रप्रयाग के कार्यो की सीबीआई जांच होनी चाहिए। विधायक चैधरी की बातों पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी सहमति व्यक्त की। 

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