• इस घोषणापत्र ने खतरे की बहुत बड़ी घंटी बजाई है

देहरादून :  आसान नहीं था खुलेआम देशद्रोहियों के पक्ष में घोषणापत्र जारी करना, कुछ लोग इसे देखकर ये सोच रहे हैं कि इस पार्टी ने तो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली। लेकिन लगता है कि इस घोषणापत्र ने खतरे की बहुत बड़ी घंटी बजाई है।

इस घोषणापत्र से ये साफ है कि उस पार्टी को पूरा यकीन है कि इस देश में करोडों मतदाता ऐसे हैं जो देशद्रोहियों के समर्थन में अपना वोट करेंगे। उसे पूरा विश्वास है कि घाटी में दम तोड़ रहा आतंकवाद करोड़ो लोगों को रास नही आ रहा और वो आतंकवाद के समर्थन में वोट करेंगे। उसे पूरा विश्वास है कि देश की सेना का कमजोर होना यहां के करोडों मतदाताओं का दिल जीत लेगा।

अगर इस घोषणापत्र के साथ चुनाव लड़कर इस पार्टी को 25 सीटें भी आ जायें तो ये देश की देशभक्त जनता के लिये एक संदेश होगा कि देख लो यहां देशद्रोहियों की संख्या करोड़ों में है और वो तुम्हारी छाती पर मूँग दलते रहेंगे।

ये ना तो मजाक का विषय है ना ही कटाक्ष का, ये एक गम्भीर प्रश्न है देश की अस्मिता अखंडता और एकता पर। अगर अभी भी आप नही समझ रहे या इस विषय पर उदासीन हैं तो यकीन मानिये आपके जैसे ही लाखों लोग उस समय भी रहे होंगे जिनकी उदासीनता और नासमझी ने देश को गुलाम बनाया होगा, वो आप के ही तरह के तटस्थ लोग रहे होंगे जिन्होने विदेशी आक्रांताओ के मनोबल में जोश भरा होगा |

अगर अब भी होश नही आया तो बघारते रहिए अपने बुद्धिजीवी होने का दंभ लेकिन याद रखिये ये आपके आने वाली संततियों के लिये कतई भी शुभ संकेत नही है।

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