प्रखर शिक्षाविद और केदारनाथ के विधायक के पिता का देहावसान

0
301

समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने जताया शोक

रविवार को होगी अंत्येष्टि

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
गोपेश्वर (चमोली) : प्रखर शिक्षा विद, समाज के जागरण और संस्कृति के संरक्षण के लिये सम्पूर्ण जीवन देने व केदारनाथ के विधायक मनोज रावत और पत्रकार विनोद रावत के पिता फकीर सिंह रावत का देहावसान हो गया है । उनके देहान्त का समाचार मिलते ही गोपेश्वर समेत पूरे इलाके में शोक की लहर छा गयी । उनके निधन पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शोक व्यक्त करते हुए कहा भगवान उनके परिवार को दुःख सहने की शक्ति दे। 
87 वर्षीय शिक्षा विद फकीर सिंह रावत ने चमोली रुद्रप्रयाग संयुक्त जिले के समय से ही हर पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ने और अध्ययन की प्रवृति जगाने में प्रेरक और मार्ग निर्देशन का कार्य किया । जिला पुस्तकलाध्यक्ष के तौर पर 40 हजार से अधिक पुस्तकों का संरक्षण और उन्हे सुब्यवस्थित कर हर वर्ग को पढ़ने के लिये प्रेरित करने में उनका उल्लेखनीय योग दान रहा । सेवा निवृति के बाद भी शिक्षा विशेष कर छोटे बच्चों में शिक्षा , संस्कार और पहाड़ी संस्कृति और विरासत के लिये स्व फकीर सिंह रावत समर्पित रहे ।
गोपेश्वर में 1965 से 1989 उधके सानिध्य मे लगभग 40 से अधिक शोधार्थियों को पाठन सामाग्री , संदर्भ पत्र पत्र पत्रकारिओं को पढ़ने जानने में अपूर्व योगादान मिला । राष्ट्रीय समाचार पत्र पत्रिकाऐं हों या उत्तराखंड से निकलने वाले 1945 से समाचार पत्र इन सबका अदभुत ब्यवस्थित संग्रहण था इन मनीषी के पास । उत्तराखंड में इतनी चुनिन्दा लाइब्रेरी में ऊक लाइब्रेरी के हर्ता कर्ता थे मनीषी । बहुत कुछ है लिखने को । फिर लिखूंगा । मेरी जिन्दगी को राह दिखाने और पढ़ने के प्रति जिज्ञासा के लिये मैं इन तपस्वी को कभी नहीं भूल सकता । उनके देहावसान पर पत्रकार रजपाल सिंह बिष्ट , प्रमोद सेमवाल , जगदीश पोखरियाल , राजा तिवारी , के के सेमवाल , सुरेन्द्र रावत ,शेखर रावत , देवेन्द्र रावत , ओम प्रकाश भट्ट , पुष्कर चौधरी , रमेश पहाड़ी , विवेक रावत , गम्भीर सिंह समेत सभी पत्रकारों , समाज सेवियों , शिक्षा विदों , संस्कृति धर्मियों , बुद्धि जीवियों ने गहरा दुख प्रकट किया है ।