क्या डॉ. प्रणव पंड्या को किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा था या बात है कुछ और ?

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वो कौन लोग हैं जो डॉ. प्रणव पंड्या को फंसाना चाहते हैं और थे

देवभूमि मीडिया 
शांति कुंज के प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या को उत्तराखंड पुलिस ने बलात्कार के आरोप के मामले में क्लीन चिट दे दी है। मामले में एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि डॉ. प्रणव पंड्या पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की अंतिम जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है। जांच में दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब हो कि मई माह में उन छत्तीसगढ़ की एक युवती ने 10 साल पहले हरिद्वार आश्रम में बलात्कार करने का आरोप लगाया था। डॉ. प्रणव पंड्या की पत्नी शैलबाला पर भी आरोप लगाया गया था कि पीड़िता ने उनसे शिकायत की थी तो उन्होंने पीड़िता को डरा धमाका कर चुप करा दिया था। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही थी।
इस पूरे मामले में कई बातें सामने आईं। जिनमें युवती की एक ऑडियो क्लिपिंग भी शामिल है जिसमें वह किसी से बात कर रही है और कह रही है कि कुछ लोग डॉ प्रणव पंड्या को फंसाना चाहते हैं। इसके बाद जांच करने वालों ने युवती से उसका आडियो सैंपल मांगा था जो उसने नहीं दिया। इसके अतिरिक्त पुलिस ने छत्तीसगढ़ जाकर उन महिलाओं से भी बयान लिए जो आरोप लगाने वाली के साथ उस दौरान रहीं थीं। उनके बयान से भी डॉ प्रणव पंड्या पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
अब सवाल यह उठता है कि वो कौन लोग हैं जो डॉ प्रणव पंड्या को फंसाना चाहते हैं और थे। उनका मकसद क्या है। कारण इस क्लीन चिट मिलने के एक दिन पहले ही पीड़िता की ओर से कुछ लोगों ने एक प्रेस कांफ्रेंस बुला कर मामले की जांच सी बी आई को सौंपने की मांग की है। निश्चित तौर पर कोई तो है जो पर्दे के पीछे से खेल रहा है।
गायत्री परिवार ने भारतीय संस्कारों और संस्कृति को भारत और पूरे विश्व में स्थापित करने का बहुत बड़ा कार्य किया है। गायत्री मंत्र को जिस तरह से। पंडित श्री राम शर्मा आचार्य ने आम लोगों के लिए सर्वसुलभ किया और इसे एक आंदोलन बना दिया उससे धर्मांतरण में जुटी विदेशी ताकतों को काफी बड़ा झटका लगा था। इतना ही नहीं गायत्री मंत्र को कुछ लोगों तक सीमित रखने की कोशिश करने वाले कट्टरपंथियों को भी इसे लेकर काफी तकलीफ हुई थी।
पंडित श्री राम शर्मा आचार्य के जीवन काल में ही डॉ प्रणव पंड्या ने गायत्री परिवार में महती भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। उनके बाद से वे इस गायत्री परिवार के प्रमुख हैं। उनकी पत्नी शैलबाला पंडित श्री राम शर्मा आचार्य की पुत्री हैं। इससे कई ऐसे लोगों की नजर गायत्री परिवार और इसकी संपत्ति पर लगी है और थी, भी मौका तलाश कर रहे थे। अब सवाल यह उठता है कि क्या डॉ प्रणव पंड्या को किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा था या बात कुछ और भी है।
क्या यह सब कुछ हिन्दू धर्म और संस्कृति पर कुछ ताकतों का एक सुनियोजित हमला है इन सब सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। क्योंकि इस बीच विदेशी ताकतों के साथ मिल कर भारत में उन ताकतों ने जो सनातन और हिन्दू संस्कृति पर लगातार हमलावर रहते हैं के षडयंत्र बहुत बढ़ गए हैं। बांट बांट कर हमले किए जा रहे हैं। इस लिए सब के एकजुट होकर ऐसी ताकतों को मुंहतोड़ जबाव देने और एक्सपोज है की जरूरत है।
श्री निशीथ जोशी की फेस बुक वाल से साभार 
(श्री निशीथ जोशी जी देश के कई जाने माने समाचार पत्रों के सम्पादक रहे हैं और हमारे मार्गदर्शक)