एक 15 सालों से तो दूसरी पांच सालों से शह रही थी उत्पीड़न 

कानून बनने से जगी उम्मीद तो न्याय पाने के लिए आई आगे

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून । केंद्र सरकार के तीन तलाक कानून को मंजूरी के बाद उत्तराखंड में तीन तलाक़ का  बिल संसद में पास होते ही दो मामले दर्ज हुए हैं पहला मुकदमा सहसपुर थाने में दर्ज हुआ है। जबकि दूसरा हरिद्वार जिले के लक्सर थाने में दर्ज हुआ है। 

एसएसपी निवेदिता बोली

निवेदिता कुकरेती (एसएसपी, देहरादून) का कहना है कि  यह मामला बेहद गंभीर है। तहरीर मिलने के बाद महिला की तरफ से शौहर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ि‍ता को पुलिस पूरी सुरक्षा और न्याय दिलाएगी। 

पहला मामला सहसपुर क्षेत्र का है यहां एक पीड़ि‍त महिला ने अपने शौहर के उत्पीड़न और मारपीट से तंग आकर यह मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का कहना है कि 15 सालों से वह शौहर का उत्पीड़न झेल रही थी, लेकिन अब कानून बनने से वह न्याय पाने के लिए आगे आई है। न्याय मिलने तक वह संघर्ष जारी रखेगी। इधर, सहसपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले मामले में सहसपुर के केदारवाला निवासी शमा ने एसएसपी को लिखे गए पत्र में कहा कि बुधवार रात उसके शौहर असलम ने बिना बात मारपीट कर दी। इससे महिला को काफी चोट पहुंची है। पति की मारपीट के बाद जान बचाते हुए महिला गांव के प्रधान इमरान खान के पास न्याय मांगने गई। आरोप है कि यहां भी पीछे से आए शौहर असलम ने दोबारा मारपीट कर दी। आरोप है कि इसी दौरान असलम ने शमा को तीन तलाक दे दिया। बीबी ने शौहर को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह धक्का देकर चला गया। इसके बाद प्रधान ने भी हाथ खड़े कर दिए। निराश होकर रात को ही पीड़ि‍त माता-पिता को फोन कर सहसपुर थाने पहुंची। महिला का आरोप है कि थाने में रात को कोई सुनवाई नहीं हुई।

इस पर वह गुरुवार दिन में एसएसपी दफ्तर पहुंची, जहां एसएसपी के न मिलने पर शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसएसपी दफ्तर में दी गई अर्जी दोबारा थाने में दी गई। मामला एसएसपी निवेदिता कुकरेती के संज्ञान में आया तो उन्होंने थाना पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने बताया कि देर रात सहसपुर पुलिस ने मारपीट और कानून में किए गए प्रावधान के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। महिला को कानून के मुताबिक सुरक्षा और न्याय दिया जाएगा।

शादी के बाद से ही दहेज को लेकर पत्नी को कर रहा था परेशान 

वहीं दूसरा मामला लक्सर से सटे बहादरपुर गांव का है  जहाँ महिला को संसद में तीन तलाक के खिलाफ बिल पास होने के 24 घंटे के भीतर ही उसके पति ने फोन पर तीन बार तलाक कहकर नाता तोड़ लिया। महिला पति से विवाद के बाद ढाई माह से अपने मायके में रह रही थी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने दूसरे पक्ष को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया है।   बहादरपुर खादर गांव की युवती की शादी सितंबर 2013 में हरिद्वार के ज्वालापुर निवासी युवक के साथ हुई थी।  शादी के बाद से युवक दहेज को लेकर पत्नी को परेशान कर रहा था। करीब ढाई माह पहले विवाद के बाद महिला अपने मायके आ गई थी और तब से यहीं रह रही थी। महिला ने इस बीच पति के खिलाफ गुजारे भत्ते के लिए अदालत में वाद भी दायर किया था। पति ने भी अदालत में मामला दायर किया है।  
 आरोप है कि बीती रात युवक ने अपने मायके बहादरपुर में रह रही पत्नी को फोन किया। आरोप है कि फोन पर दोनों के बीच मुकदमों को लेकर बहस हो गई।  आरोप है कि बहस के दौरान युवक ने फोन पर ही पत्नी को तीन बार तलाक कहकर उससे संबंध तोड़ने की घोषणा कर दी। युवती ने फोन काटने के बाद पूरी बात अपने परिजनों को बताई। महिला ने कस्बा चौकी पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी साथ ही युवक के खिलाफ तहरीर दी। चौकी प्रभारी खेमेंद्र सिंह गंगवार ने तहरीर मिलने की पुष्टि की। बताया कि तलाक देने की बात सही है या नहीं, इसकी जांच के लिए युवक पक्ष को कोतवाली बुलाया गया है।  

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