बिग ब्रेकिंग : अलर्ट जोशीमठ के पास तपोवन में ग्लेशियर से बांध टूटा

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बिग ब्रेकिंग : सावधान सावधान अलर्ट

150 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर 

जोशीमठ बांध टूटा गंगा अलकनंदा के किनारे हरिद्वार तक सावधान हो जाएं । प्राप्त जानकारी के अनुसार बहुत विकराल रूप में आ रहा सैलाब ।

 सावधान अलर्ट जोशीमठ बांध टूटा गंगा अलकनंदा के किनारे हरिद्वार तक सावधान हो जाएं । प्राप्त जानकारी के अनुसार बहुत विकराल रूप में आ रहा सैलाब ।

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जोशीमठ : उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी पर रेणी की तरफ से हिमखंड के आ जाने से पावर प्रोजेक्ट के डैम का एक हिस्सा टूट गया है। जिससे अलकनंदा नदी में प्रवाह बढ़ गया है। सूचना पर जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई है। घटना के बाद ऋषिकेश, हरिद्वार सहित मैदानी इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।  डैम टूटने से अलकनंदा नदी का जल प्रवाह अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। अभी किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है लेकिन प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बता दें कि जोशीमठ से आगे नीति मार्ग पर निजी कंपनी का ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट है, यहां करीब 24 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी राजधानी के सभी कार्यक्रमों को छोड़कर घटनास्थल की तरफ रवाना हो गए हैं। उन्हाेंने आपदा प्रबंधन को भी मौके पर भेजा है।उनके साथ में सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरूगेशन भी घटनास्थल पर रवाना हुए हैं।

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वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने बताया है कि राज्य सरकार ने अलर्ट जारी कर हालात पर काबू पा लिया गया है। अलकनंदा नदी पर श्रीनगर में बने बांध से  पानी को छोड़ने की निर्देश दिए गए हैं ताकि बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके। जबकि देवप्रयाग में भागीरथी के पानी को रोकने के लिए टिहरी डैम से पानी को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने प्रदेश की जनता और खासकर मीडिया से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों में ध्यान न दें। वहीं दूसरी तरफ, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से चमोली घटना पर जानकारी ली है और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त किया है।

घटना के बाद राजधानी देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में कई बेड्स को आरक्षित कर दिया गया है। देहरादून के वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के तीन ग्लेशियर वैज्ञानिकों की टीम चमोली जाएगी। टीम में डॉ मनीष मेहता, डॉ विनीत कुमार, डॉ समीर कल सुबह धौलीगंगा ग्लेशियर की पड़ताल को जा रहे हैं। टीम लंबे समय से धौलीगंगा, द्रोणागिरी, रेणी गांप के ग्लेशियर पर काम कर रही है।

तपोवन से मिली जानकारी के मुताबिक पहाड़ी से ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर  डैम पर गिरने से डैम का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने से डैम का पानी तेजी से धौली गंगा से होकर विष्णुप्रयाग में अलकनंदा नदी में जाने लगा है। जिससे अलकनंदा नदी का प्रवाह बढ़ने पर केंद्रीय जल आयोग ने अलकनंदा और गंगा पर बनी अपनी सभी चौकियों को अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि ऋषिकेश तथा हरिद्वार में यह पानी 6 से 7 घंटे के भीतर पहुंच सकता है।

तपोवन से मिली जानकारी के अनुसार बैराज के पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने की घटना के बाद से कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ने से अलर्ट जारी हो गया है। पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें नदी किनारे की बस्तियों को लाउडस्पीकर से अलर्ट करने के साथ ही खाली कराने में जुट गई है। ऋषिकेश में भी गंगा नदी से बोट राफ्टिंग संचालकों को हटाया जा रहा है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को झील का पानी कम किया जा रहा है ताकि अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी छोड़ने में दिक्कत न हो। श्रीनगर पुलिस ने नदी किनारे बस्तियों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों में जाने की अपील कर रही हैं। साथ ही नदी में काम करने वाले मजदूरों को भी हटा दिया गया है।

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चमोली के जिला प्रशसान के अनुसार ग्लेशियर फटने से काफी नुकसान की सूचना आ रही है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर रवाना हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिव आपदा प्रबंधन और डीएम चमोली से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मुख्यमंत्री घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही चमोली जिले के सभी अधिकारियों की आपात बैठक बुला सकते हैं।