COVID-19 : ख़बर का असर : लॉकडाउन तक कोई भी निजी,अशासकीय या सरकारी स्कूल नहीं वसूलेंगे फीस

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देवभूमि मीडिया ने सोशल मीडिया पर उठाया था जबरन फीस वसूली का मामला  

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते पिछले काफी समय से बंद हैं स्कूल

फीस जमा करने के मैसेज स्कूलों की ओर से अभिभावकों व छात्रों को भेजे जा रहे थे 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून: कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में लॉकडाउन रहने और पढ़ाई सुचारू होने तक कोई भी निजी, अशासकीय या सरकारी स्कूल फीस नहीं ले सकेंगे। देवभूमि मीडिया द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते कई निजी स्कूलों की ओर से फीस की वसूली के संदेश अभिभावकों को भेजने के मामले को बीते दिन प्रमुखता से सोशल मीडिया पर उठाया था , जिसका संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी कर स्थिति के सामान्य होने तक इस तरह फीस वसूली पर रोक लगा दी है। और प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब हो एक तरफ तो पूरा देश और प्रदेश इस वक्त कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। इसके चलते पूरे देश और प्रदेश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में आगामी एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र के चलते निजी स्कूलों में फीस वसूली को लेकर बेचैनी साफ़ दिखाई दे रही है।स्कूलों द्वारा छात्रों के अभिभावकों को एसएमएस संदेश भेजे जा रहे हैं की वे अपने पाल्यों की फीस तुरंत उनके बैंक खाते में जमा कराएं। इस तरह के कई सन्देश देवभूमि मीडिया को भी अविभावको ने भेजे हैं जिन्हे हमने प्रमुखता से सोशल मीडिया पर प्रकाशित भी किया।

जहाँ एक तरफ पूरा देश लॉकडाउन के चलते और कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लड़ाई लड़ रहा है,आवाजाही बंद होने से लोग बैंकों में नहीं जा पा रहे हैं। वित्तीय लेन-देन पूरी तरह अव्यवस्थित होने के बावजूद स्कूलों से मिले फीस वसूली के संदेशों से अभिभभावक परेशान हैं। देहरादून समेत प्रदेश में कई सीबीएसई, आइसीएसई, आइएससी, उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध कई निजी स्कूल चल रहे हैं। लेकिन स्कूल वालों की बेशर्मी देखिये कि ऐसे माहौल में भी इन्हे अपनी जेबें भरने शर्म नहीं है और फीस की मांग कर रहे हैं।

सरकार ने इस मामले में हमारे सन्देश का संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने इस संबंध में बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किए। आदेश में कहा गया कि प्रदेश में कोरोना वायरस के संRमण से बचाव के मद्देनजर सभी शिक्षण संस्थाओं को अग्रिम आदेशों तक बंद किया जा चुका है। शासन को जानकारी मिली है कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों पर तत्काल शुल्क जमा कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। लिहाज़ा पूरे राज्य में लॉकडाउन की घोषणा के दौरान यह कदम उचित नहीं है। लिहाजा विभिन्न बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में फीस जमा कराए जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। स्थिति सामान्य होने और स्कूलों के खुलने के बाद ही फीस जमा कराने की कार्यवाही की जाए।आदेश का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सरकार के इस कदम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने देवभूमि मीडिया का धन्यवाद किया है।