उत्तराखंड राज्य को माफिया से मुक्त किया है हमने : मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र की वर्चुअल रैली को संबोधित किया

राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्ष के कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया हैः त्रिवेंद्र सिंह

विजन डाक्यूमेंट में की गई 85 प्रतिशत घोषणाएं पूरी कर दी हैंः मुख्यमंत्री 

यह प्रधानमंत्री का सफल नेतृत्व ही है कि हम कोविड महामारी को रोक पाने में काफी हद तक सफल हुएः रावत

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून। शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि रैलियों का यह डिजीटल स्वरूप पहली बार देखने को मिल रहा है। यह स्वरूप कभी-कभी सुविधा युक्त भी लगता होगा, परंतु उन लोगों के लिए जो अभी तकनीकी से ज्यादा घुले मिले नहीं है, उनके लिए तकलीफ वाला भी होगा, लेकिन सच यह है कि यह एक बहुत ही सरल और कम खर्चीली तकनीक है, जिससे हम लोग दूर-दूर रहते हुए भी बहुत ही नजदीक से एक दूसरे को देख कर बातें कर सकते हैं।
यह वर्चुअल रैली विषम परिस्थितियों में हो रही है जब केवल हम नहीं हमारा प्रदेश व देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया महामारी के संकट से गुजर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि का ही नतीजा है कि भारत डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज तकनीक के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच चंद मिनटों में ही हमारी बात पहुंच रही है।
कोविड-19 के समय जब सारा विश्व त्राहि-त्राहि कर रहा है, विकसित देशों की विकसित स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, ऐसे में, लेकिन प्रधानमंत्री के दूरदर्शी निर्णय से लाखों जीवन बचाए जा सके हैं।
भारत सरकार ने 2024 तक हर घर को नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की योजना प्रारम्भ की है। उत्तराखंड में इस पर मिशनरी मोड में काम कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में भी पेयजल की योजनाएं प्रारम्भ की हैं। नदियां, तालाब को पुनर्जीवित कर रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीपीटी किट भारत में बनता ही नहीं था, आज भारत निर्यात करने की स्थिति में है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जिसकी पूरी दुनिया में डिमांड है, दुनिया के देशों को आपूर्ति की जा रही है और यह प्रधानमंत्री का सफल नेतृत्व ही है कि हम इस महामारी को रोक पाने में हम काफी हद तक सफल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि किसान निधि, 10 करोड़ परिवारों को आयुष्मान योजना में 5 लाख रुपये वार्षिक की हेल्थ कवरेज, कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित तमाम क्षेत्रों में भारत इन वर्षों में मजबूत हुआ है। देश की जनता के विश्वास को कायम रखा। कोविड-19 ने पूरे विश्व को अपने घेरे में लिया है। दुनिया के बड़े देश इससे बचे न रह सके। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 20 लाख करोड़ का पैकेज वरदान साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्ष के कार्यकाल में हमने भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया है। हमने राज्य को माफिया से मुक्त किया है। किसी को भी बख्शा नहीं गया है। हमने अपने विजन डाक्यूमेंट में की गई 85 प्रतिशत घोषणाएं पूरी कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अटल आयुष्मान योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को 05 लाख तक के इलाज की सुविधा प्रदान की गई है। हरिद्वार जनपद में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत 6.32 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं। इस योजना के तहत जनपद में 29 हजार 800 लोगों ने अपना इलाज कराया है, जिसमें 32 करोड़ 88 लाख रुपये की धनराशि खर्च हुई।
इकबालपुर शुगर मिल को 36 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान किया। इस मिल से 22 हजार किसान जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के साथ ही अन्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल मार्ग दर्शन में हम कोरोना महामारी की गति को रोकने में सफल हुए है। हमने अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त करने का काम किया। आज हमारे राज्य में 2500 डाक्टर हैं। किसी भी जिला अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर नहीं थे। आज सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर हैं। आज दूरस्थ क्षेत्रों में भी व्यवस्था की है। इसमें आम आदमी का भी बड़ा योगदान है।
प्रदेश में  कोरोना के मरीजों  का रिकवरी रेट 62 प्रतिशत है। कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में 2.40 लाख प्रवासी राज्य में वापस लौटे हैं, जबकि 90 हजार लोग प्रदेश से वापस अपने राज्यों में गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा यह भरसक प्रयास रहा है कि प्रत्येक उत्तराखंडवासी जो इस आपदा के समय अपने घर आना चाहता है, उसे हम वापस लाएंगे, इसके लिये 20 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं। एक करोड़ रुपये  रेलवे को अग्रिम भुगतान किया गया। 
मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोविड-19 में कार्यकर्ताओं ने बहुत काम किया। प्रवासियों की सहायता की। गरीबों को भोजन दिया, किसी को भूखा नहीं सोना दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि शारीरिक दूरी के दिशा निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए आने वाली 16 जुलाई को प्रदेश भर में हरेला पर्व मनाया जाएगा, जिसमें हर घर में कम से कम एक फल का पौधा लगाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
पिरान कलियर वर्चुअल रैली में भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, जिलाध्यक्ष हरिद्वार डॉ. जयपाल सिंह चौहान, संयोजक जय भगवान सैनी. देश पॉल ,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा श्याम वीर सैनी व राकेश गिरी, राजेश सैनी, अजय सैनी, संजय प्रजापति, राजबाला सैनी आदि उपस्थित रहे।