सीएम बोले : कोविड-19 के कारण हुई देरी की भरपाई करने के लिए दोगुनी ऊर्जा से करना होगा काम

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राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश : समिति के सदस्य सांसदगणों और विधायकगणों को आवश्यक सूचनाएं समय पर  कराई जाए उपलब्ध

विभिन्न योजनाओं में  दिए गए टार्गेट समय पर पूरे हों , कार्यों की क्वालिटी पर भी  दिया जाए विशेष ध्यान 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून । सोमवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें केंद्र पोषित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के सदस्य सांसदगणों और विधायकगणों को आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिला स्तर की बैठकों का आयेाजन सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं में दिए गए टार्गेट समय पर पूरे हों। कार्यों की क्वालिटी पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। कोविड-19 के कारण हुई देरी की भरपाई करने के लिए दोगुनी ऊर्जा से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज क्षेत्र कल्याण योजना में पर्याप्त मात्रा में धन उपलब्घ है। इसमें अवस्थापनात्मक, सामाजिक क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित काम कराए जाएं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्लेसमेंट को प्रमुखता दी जाए। डिजीटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम को सभी जिलों में तेजी से लागू किया जाना है। मनरेगा में अच्छा काम किया गया है। इसमें सुनिश्चित किया जाए कि नए जाॅब कार्ड बनाने में कोई परेशानी न हो। जिन गांवों में दूरसंचार की कनेक्टीवीटी नहीं है, उन्हें कनेक्टीवीटी से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार ने बताया कि विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) द्वारा 41 केंद्र पोषित योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इसका उद्देश्य चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना और तालमेल को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति और सांसदगण की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति बनाई गई हैं। राज्य स्तरीय समिति में सभी सांसदगण और कुछ विधायकण भी सदस्य होते हैं। समिति समन्यव और निगरानी के साथ ही धन प्रवाह की समीक्षा, भूमि, स्थान जैसे मामलों को हल करना, योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए आवश्यतानुसार सुझाव भारत सरकार को दे सकती है।
बैठक में पीएमजीएसवाई, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील, डिजीटल इंडिया, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, सुगम्य भारत अभियान, अमृत, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, एकीकृत विद्युत विकास योजना, डिजीटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, समेकित बाल विकास योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, टेलीकाॅम, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम आदि कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में सांसद श्री अजय भट्ट, श्री अजय टम्टा, विधायक श्री राजेश शुक्ला, श्री धन सिंह नेगी, श्री राम सिंह कैड़ा, मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, सचिव श्री आर.के.सुधांशु, श्री शैलेश बगोली, श्री नीतेश झा, श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के उपरांत दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आईएएस अधिकारी श्री अशोक कुमार को श्रद्धांजलि दी गई।