सीएम के प्रभारी सचिवों को जनपदों के भ्रमण के निर्देश

0
359

मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को दिये योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

विभागाध्यक्ष नियमित रूप से करें विभागीय योजनाओं की समीक्षा
मण्डलायुक्तों को दिये विधान सभा क्षेत्रवार समीक्षा के निर्देश

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद की बैठक
मुख्यमंत्री ने पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पेयजल आपूर्ति में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखे जाने के दिये निर्देश।

देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पेयजल योजनाओं की क्रियान्वयन एवं पेयजल आपूर्ति में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने पेयजल लाइनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाये जाने के लिये पाइप लाइन को जमीन से दो फिट नीचे से रखे जाने पर भी ध्यान देने को कहा है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के लिये चिन्हित कार्यदायी संस्था का विवरण ठेकेदार का नाम, लागत आदि के बोर्ड भी योजना स्थल पर लगाये जाने के निर्देश दिये हैं। ताकि लोगों को जानकारी रहे कि योजना का निर्माण किसके द्वारा किया गया है तथा उसमें कमी पाये जाने पर स्थानीय लोगों द्वारा उसकी शिकायत की जा सके।
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सिंचाई विभाग को ट्यूबवेल एवं पंपों का स्वामित्व जल निगम को दिये जाने के भी निर्देश दिये ताकि सिंचाई के साथ इनके माध्यम से पेयजल की भी आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने पेयजल से जुड़े अभियंताओं को सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिये जाने के साथ ही यह व्यवस्था बनायी जाय कि बड़ी योजनाओं के मेंटेनेंस का कार्य भी 2 साल तक कार्यदायी संस्था के स्तर पर किया जा सके।
उन्होंने गांवों में पेयजल योजनाओं के रख-रखाव के लिये प्लम्बर अदि के कार्य के लिये स्थानीय युवाओं का कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनहित का ध्यान सर्वोपरि रखा जाय जिस मकसद से योजना बनायी जाती है वह पूरी हुई या नहीं अथवा उसका लाभ जब तक लाभार्थी को नहीं मिल जाता तब तक वह मकसद पूरा नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने परिषद की बैठकों में वन विभाग के अधिकारियों को भी प्रतिभाग करने हेतु निर्देशित करने के भी निर्देश दिये हैं।
पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री रिपुदमन सिंह रावत ने पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की दशा में उसकी तुरन्त मरम्मत कराने, जिन गांवों में जल स्त्रोत गांवों के नीचे हैं वहां पर सोलर पम्पिंग की व्यवस्था किये जाने, विभाग में अभियंताओं की नियुक्ति के साथ ही जिन पेयजल योजनाओं का निर्माण ग्राम समूह द्वारा अपने संसाधनों से किया जा रहा है उन्हें आर्थिक मदद पर विचार करने की बात कही।
बैठक में सचिव पेयजल श्री नितेश झा ने विभागीय स्तर पर संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2022 तक हर घर को नल से जोड़ने के लक्ष्य को प्राप्त करने का विभागीय स्तर पर तैयार की गई कार्य योजना पर समय बद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी पेयजल कनेक्शन लगाये जाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान के साथ ही सिंचाई विभाग एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
देहरादून । मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निर्देश दिये हैं कि सुशासन दिवस 25 दिसम्बर तक सचिवालय स्थित सभी अनुभाग ई-ऑफिस के रूप में कार्य करना सुनिश्चित करें। इसके लिये प्रशिक्षण एवं संसाधनों की उपलब्धता आदि के लिये उन्होंने अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सचिव आई.टी को जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये हैं कि माह दिसम्बर से आरम्भ होने वाले उनके जनपदों के प्रवास कार्यक्रम से पूर्व दोनों मण्डलायुक्त विधान सभा क्षेत्रवार योजनाओं की समीक्षा करना सुनिश्चित करें।
मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव सहित शासन के उच्चाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रभारी सचिवों को इस माह के अंत तक सम्बन्धित जनपदों का भ्रमण कर विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि प्रभावी सचिव अपने भ्रमण के दौरान सम्बन्धित जनपदों में संचालित ग्रोथ सेंटरों का भी निरीक्षण करें।उन्होंने जन समस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सीएम डेस बोर्ड पर उपलब्ध विवरण को भी पब्लिक डोमेन में अपलोड किये जाने की कार्यवाही हेतु समिति गठित कर इसके शीघ्र क्रियान्वयन को कहा है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये हैं कि वे नियमित रूप से ब्लाक स्तर तक सरकार आपके द्वार-समस्या समाधान शिविरों का आयोजन कर जन समस्याओं की त्वरित  ढंग से निराकरण कराये। उन्होंने डीएम एवं एसडीएम को नियमित रूप से अपनी कोर्ट संचालित करने पर भी ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से पिछले तीन माह में उनके द्वारा निस्तारित वादों का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा है। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में दाखिल खारिज के लम्बित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के साथ ही जिन वादों के नोटिस जारी किये जा चुके हैं उनका निस्तारण भी 25 दिसम्बर तक किये जाने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों को भी नियमित रूप से विभागीय समीक्षा कर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के लम्बित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित किये जाने के निर्देश देते हुए सचिव वित्त से इस सम्बन्ध में बैंकर्स के साथ बैठक कर इसमें तेजी लाये जाने को कहा। इसके साथ ही स्वरोजगार योजनाओं, स्कूलों आदि का भी निरीक्षण अपने भ्रमण के दौरान करें। इससे व्यवस्था में सुधार के साथ ही इससे जुड़े लोगों को प्रोत्साहन भी मिल सकेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के उच्च न्यायालय में मुख्य स्थाई अधिवक्ता (चीफ स्टैंडिंग काउंसिल) परेश त्रिपाठी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन सहित सभी सचिव एवं प्रभारी सचिव उपस्थित थे।