जिलों का दौरा करेंगे सीएम व प्रदेश अध्यक्ष

देहरादून । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टोलरेंस की नीति पर चलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के नाते वे भी इसके लिये सरकार पर निगरानी रखेंगें।

बलबीर रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। भट्ट ने बताया कि सीबीआई द्वारा दायर एफआईआर के खिलाफ हिमाचल के सीएम द्वारा दायर की गयी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस कारण नैतिकता के लिहाज से उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। हालंकि भट्ट इस सवाल पर चुप्पी साध गये कि उत्तराखंड की तमाम समस्याओं को छोड़कर हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुखिया के इस्तीफे की मांग के लिए प्रेसवार्ता का औचित्य क्या है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि आज पूरे देश की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है। एक ओर देश को तेजी से विकास के पथ पर बढ़ाया जा रहा है और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े स्तर पर लड़ाई चल रही है। इसी के चलते उत्तराखंड में कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार को जनता ने बेदखल कर भाजपा को जिम्मेदारी सौंपी है। अब देश के अन्य राज्यों जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, जिनमें हमारा पडोसी प्रदेश हिमाचल प्रदेश भी शामिल है से कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार को जनता सत्ता से बाहर करने जा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रष्ट व आय से अधिक संपत्ति रखने के गंभीर आरोपों से उस समय से घिरे हैं जब वे केंद्र में कैबिनेट मंत्री थे। वीरभद्र ने भ्रस्टाचार मामले को लेकर उनके खिलाफ सीबीआई दुआरा दायर केस के खिलाफ उच्च न्यायालय दिल्ली में जो याचिका डाली थी उसे उच्च न्यायलय ने 31 मार्च को रदद कर दिया और एफआरआई को सही माना। साथ ही सीबीआई द्वारा उनके आवास पर मारे गए छापे को उचित माना। अजय भट्ट ने कहा कि समस्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए वीरभद्र को कुर्सी पर बने रहना न केवल वैधानिक अपितु संवैधानिक दृष्टि से भी उचित नहीं है।

भट्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई उत्तराखंड में जारी है और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में जिस तरह एनएच घोटाले की जांच सीबीआई को सौपने का निर्णय गया है, विभिन्न स्तरो पर बड़े-बड़े अधिकारी निलंबित किए गए हैं, लोकायुक्त विधेयक लाया गया है, पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाई जा रही है। इससे साफ़ है कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार भ्रस्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेन्स नीति पर काम कर रही है। अजय भट्ट ने अपने दिल्ली दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। इससे केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें इस राज्य को देश का प्रथम पंक्ति का राज्य बनाने में सफल होंगी।

वहीँ उन्होंने कहा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट जिलों के भ्रमण करेंगे। प्रदेश में प्रचंड बहुमत देने पर वे जहां जनता का आभार जताएंगे, वहीं मुख्यालयों पर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे। 18 मार्च को शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र अभी हरिद्वार छोडक़र कही नहीं निकले हैं। अभी राजधानी में ही जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं के हल पर फोकस किया है।

प्रदेश में भाजपा को जनता ने जो ऐतिहासिक बहुमत दिया है, सीएम और प्रदेश अध्यक्ष जिलों में जाकर उनका शुक्रिया अदा करेंगे। पार्टी संगठन स्तर पर सीएम के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा शुरू हो गई है। बकौल, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि 10-15 दिन के भीतर ये कार्यक्रम तय हो जाएंगे। प्रत्येक जिला मुख्यालय में सीएम का दौरा रखा जाएगा। जनता की भाजपा सरकार से जो उम्मीदें हैं, उन पर खरा उतरा जाएगा। पार्टी ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में जो वादे किए हैं, सीएम एक-एक कर उन्हें पूरा करेंगे। सीएम त्रिवेंद्र इसकी शुरूआत भी कर चुके हैं।
भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 15 व 16 अप्रैल को उड़ीसा में होने जा रही है, इसमें पार्टी के कोर कमेटी के सदस्य भी हिस्सा लेंगे। इस बैठक के लगभग एक माह बाद प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक तय की जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने बताया कि प्रांतीय कार्यकारिणी और कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रदेश कार्यकारिणी में नए चेहरे शामिल किए जाएंगे। मौजूदा कार्यकारिणी में प्रदेश महामंत्री खजान दास, प्रांतीय प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान, उपाध्यक्ष पुष्कर धामी, प्रदेश सचिव विनोद कंडारी व महेंद्र भट्ट विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। इनकी जगह नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं।

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