चुफलागाड़ में बादल फटने से आया उफान 

भूस्‍खलन से  मलबे में दबने से छह लोगों की मौत 

मलबे से निकाले गए सभी मृतकों के शव

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

बज्वाड़ गांव में घरों में घुसा मलबा

थराली क्षेत्र के बज्वाड़ गांव में लोगों के घरों में मलबा आ गया, जिससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। जिस समय गांव में मलबा आया, लोग अपने घरों में थे। ग्रामीण  धनी राम, देवी प्रसाद, संजय जोशी आदि ने बताया कि निर्माणाधीन कुलसारी-आलकोट मोटर मार्ग का मलबा बज्वाड़ गांव की तरफ डाला गया था, जो बारिश के कारण घरों में घुस गया। लोगों ने आपदा कंट्रोल रूम में फोन कर सूचना दी । 

चमोली जिले में देवाल प्रखंड के बाद अब जिला मुख्यालय गोपेश्वर से 30 किलोमीटर दूर नंदप्रयाग के नंदाकिनी घाटी में मौसम ने कहर बरपाया है। घाट विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के सुबह बांजबगड़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने से भारी तबाही हुई सुबह लगभग 5:00 बजे तेज बारिश के साथ चूफलागाड उफान पर है,जिसके बाद ग्रामीणों के कई घर और गौशाला नाले की चपेट में आ गए। जिले के घाट विकास खंड के लांखी, बांजबगड़ और आली गांव में अतिवृष्टि से एक मां, नौ माह की बेटी व तीन बच्चों समेत छह की मौत हो गई है। वहीं, चुफलागाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट बाजार में चार दुकानें नदी में बह गई हैं। घटना के बाद से घाट क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। 

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने ट्विटर हैंडल पर दिए सन्देश में खा है कि ”चमोली के घाट में अतिवृष्टि से हुई जनहानि पर गहरा दुःख पहुंचा है। मृतकों के परिवारजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावितों को जल्द से जल्द आर्थिक व अन्य तरह की मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बादल फटने के बाद गांव के अब्बल सिंह का मकान मलबे में दब गया। हादसे में घर के अंदर सो रही अब्बल सिंह की पत्नी रूपा देवी (35 वर्ष) व बेटी चंदा (नौ माह) की दबकर मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना घाट ब्‍लॉक के आली गांव में हुई। यहां बादल फटने से हुए भूस्खलन से नेनू राम का मकान मलबे में दब गया। इसमें नेनू राम की बेटी नौरती (21 वर्षीय) की दबकर मौत हो गई। तीसरी घटना घाट ब्‍लॉक के लांखी गांव में हुई। यहां सुबह 8.45 बजे बादल फटने से गांव के शंकर लाल का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। मलबे में दबकर अजय (23 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र लाल, अंजली (8 वर्ष) पुत्री शंकर लाल और आरती (7 वर्ष) पुत्री शंकर लाल की मौत हो गई। सभी मृतकों के शव मलबे से निकाल लिए गए हैं। उधर, चुफला गदेरा (बरसाती नाला) के उफान पर होने से दो मकान व तीन दुकाने बह गई हैं। जिले में मौसम अभी भी खराब है और हल्की बारिश जारी है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बारिश में ही मलबे को हटाना शुरू किया। एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और सुबह नौ बजे तक तीनों शव मलबे से निकाल दिए गए। इसी दौरान बांजबगड़ गांव में भी एक आवासीय मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। मकान का एक हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबने से अब्बल सिंह की पत्नी रूपा देवी (33) और नौ माह की बेटी चंदा मलबे में दब गईं। ऑली गांव में भी एक आवासीय मकान के पीछे भूस्खलन होने के कारण मलबे में दबने से नौरती (20) पुत्री नैनू राम की मौत हो गई। घटना में 40 मवेशी भी मलबे में दफन हो गए। बांजबगड़ क्षेत्र में बादल फटने से चुफलागाड़ में उफान आ गया।

नदी के कटाव से घाट बाजार में शंभू प्रसाद मैंदोली, कुंवर सिंह, दिनेश प्रसाद और शाहिद की दुकानें बाढ़ में समा गई। चमोली के प्रभारी जिलाधिकारी हंसादत्त पांडे ने कहा कि बांजबगड़ गांव में ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

वहीं लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा नदी ,धौली गंगा, नदी मंदाकिनी, पिंडर नदी ,उफान पर बह रही है जिसकी वजह से मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना भी बनी हुई है

प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तराखंड के सात जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। रविवार को प्रदेशभर में बादल छाए रहे। पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश होती रही। दून में भी कई जगह तेज, कहीं हल्की बारिश हुई।

मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में अगले 24 घंटे भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मौसम की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। समय-समय पर सरकार और संबंधित जिलों के अधिकारियों को सतर्क किया जा रहा है।

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