• चारधाम यात्रा की सुखमय संपन्न होने की रघुनाथ मंदिर में  की प्रार्थना

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देवप्रयाग : श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य रावल ईश्वर प्रसाद नम्बूदरी ने केरल प्रवास से लौटने के बाद  सोमवार को देवप्रयाग तीर्थ में गंगा संगम तट पर गंगा और श्री रघुनाथ मंदिर में रघुनाथ जी की पूजा-अर्चना कर चारधाम यात्रा की सुखमय संपन्न होने की प्रार्थना की। इस दौरान बद्रीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों ने रावल के देवप्रयाग पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया।

बदरीनाथ के मुख्य रावल ईश्वर प्रसाद नम्बूद्री सोमवार को केरल से बदरीनाथ धाम के लिए जाते हुए देवप्रयाग तीर्थ में गंगा दर्शन और पूजन के लिए रुके। मुख्य रावल छह माह के बाद इस यात्रा काल के शुभारंभ के अवसर पर दस मई को कपाट खुलने के शुभ मुहूर्त पर भगवान बदरीनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोलेंगे।

सोमवार को परम्परानुसार मुख्य रावल भगवान बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के स्थाई निवास देवप्रयाग तीर्थ पहुंचे। उन्होंने देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी के संगम तट पर मां गंगा का पूजन कर चारधाम की सुखमय यात्रा के साथ सभी देशवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की।

संगम पर स्न्नान के बाद  मुख्य रावल प्राचीन श्री रघुनाथ मंदिर गए जहां उन्होंने भगवान नारायण के अवतार श्री रघुनाथ जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की । पुजारी पं. सोमनाथ भट्ट द्वारा  रावल की पूजा-अर्चना करवाई गयी। इस अवसर पर तीर्थ पुरोहित समाज द्वारा मुख्य रावल का स्वागत किया गया। उसके बाद मुख्य रावल देवप्रयाग से जोशीमठ के लिए रवाना हो गए।

वहीं नायब रावल व सेवक नारायण भी देवप्रयाग पहुंचे। इस मौके पर तीर्थ पुरोहित श्रीकांत बडोला, उत्तम भट्ट, जीवेश पंचभैया, जयप्रकाश ध्यानी, भास्कर राजपुरोहित, नरहरि शास्त्री, अरुण भट्ट, दुर्गेश पंचपुरी आदि मौजूद थे।

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