मुख्यमंत्री का विधायकों से कोरोना के संक्रमण से बचाव पर सतर्क रहने और संयम बरतने का अनुरोध

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37 विधायकों से फोन पर सम्पर्क कर किया अनुरोध 

कहा : बाहर से आए लोगों पर नजर रखें, आइसोलेशन में रखें 

राजयोगिनी दादी जानकी जी के देवलोक गमन पर किया शोक व्यक्त

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी के देवलोक गमन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय दादी माँ जानकी जी का पूरा जीवन मानवता की सेवा में समर्पित रहा।

विश्व शांति व समाज के लिए इनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वे विश्व की सबसे स्थिर मन की महिला थीं। उन्होंने 140 देशों में स्थित संस्थान के 8500 सेवाकेंद्र का  कुशल संचालन किया।

देश में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दादी जानकी को स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसेडर भी नियुक्त किया था। दादी जी के  नेतृत्व में पूरे भारतवर्ष में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए गए। 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फोन पर राज्य के विधायकों से बात कर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु सतर्क रहने और संयम बरतने का अनुरोध किया है। लगभग 37 विधायकों से फोन पर सम्पर्क हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बहुत अधिक है। हमें लोगों को राहत भी देनी है और समझाना भी है। अपने क्षेत्र में कोई परेशानी में हो तो सहायता करनी है। अगर किसी को खांसी, जुकाम, बुखार आदि इस प्रकार की कोई तकलीफ है तो स्वास्थ्य विभाग को सूचित करे ताकि उचित इलाज हो सके।

उन्होंने कहा विधायकगण अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित करें। बाहर से आए लोगों पर नजर रखें, उन्हें आइसोलेशन में रहना है। मुख्यमंत्री कहा कि देश इस वक्त कोरोना महामारी से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री जी स्वयं एक सप्ताह में दो बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। हमारे पास केवल और केवल यही एक समाधान है कि हम सामाजिक दूरी बनाकर रखें। हमको दूरी बनाकर रखनी है। मेरा आपसे अनुरोध है कि हम सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें। इसका स्वयं भी पालन करें और औरों को भी इसका पालन करने हेतु जागरूक करें। उन्होंने अनुरोध किया कि सोशल डिस्टेंस का पालन करें। यदि कोई बाहर से आया है तो हम उससे सामाजिक दूरी बनाते हुए उसकी सूचना शासन को दें। जो लोग उत्तराखंड से बाहर हैं और आना चाहते हैं उन्हें समझाएं कि जहां हैं वहीँ रहने में उनकी भी भलाई है। रास्ते में संक्रमित होने का खतरा रहता है। अगर दूसरे प्रदेशों में कोई परेशानी आ रही हो तो हम वहां की सरकार से बात करेंगे।