CBI Anti Corruption Unit ने एक दरोगा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार

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एक सब इंस्पेक्टर दो सिपाहियों के साथ आईपीसी की धारा 420 में दर्ज एक मुकदमे में वांटेड की तलाश में गई थी चंडीगढ़ 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : राजधानी की कैन्ट थाना पुलिस एक एक दरोगा और दो सिपाही जब एक आरोपी को पकड़ने चंडीगढ़ दबिश देने गयी तो उत्तराखंड की पुलिस टीम को सीबीआई की एन्टी करप्शन यूनिट ने एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर डाला।  मामले में डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें रिश्वतकांड की जानकारी विभिन्न सूत्रों के हवाले से मिली है। अधिकारिक रूप से उत्तराखंड पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं आई है। लेकिन, यदि इसमें कुछ भी सच्चाई हुई तो दरोगा को बर्खास्त किया जाएगा। यह बहुत ही निंदनीय कृत्य है इससे उत्तराखंड पुलिस की छवि धूमिल हुई है। 
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून के कैंट थाने से एक सब इंस्पेक्टर दो सिपाहियों के साथ चंडीगढ़ आईपीसी की धारा 420 में दर्ज एक मुकदमे में वांटेड की तलाश में गई थी। आरोप है कि आरोपी से लेनदेन की शिकायत की भनक सीबीआई की एंटी करप्शन यूनिट को किसी ने पहले ही बता दिया था जिसके बाद सीबीआई टीम चौकन्नी हो गयी थी और उसने पहले ही जाल बिछा दिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकदमा आठ दिसंबर 2020 को दर्ज किया गया था। कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने फर्जी कंपनी बनाकर विदेश भेजने के नाम पर 20 से 25 लाख रुपये ठगे हैं। इस मामले में तीन मार्च को लक्ष्मीनारायण उर्फ विनोद उर्फ निर्मल सिंह निवासी कलायत, कैथल हरियाणा को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने चंडीगढ़ निवासी एक साथी का और नाम बताया था। इसी फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया और एसएसआई हेमंत खंडूरी को चंडीगढ़ भेजा।
मामले में एक शिकायतकर्ता टैक्सी ड्राइवर के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज है। इसी मामले में आरोपित एसआई विवेचनाधिकारी था। उसने कई बार टैक्सी ड्रावर को बुलाकर गिरफ्तार करने की धमकी भी दी थी, और इधर कार्रवाई नहीं करने के एवज में आरोपित एसआइ पांच लाख रुपये की डिमांड कर रहा था। उसकी बार-बार डिमांड और दबाव से परेशान होकर टैक्सी ड्राइवर ने चंडीगढ़ में सीबीआइ के सेक्टर-29 स्थित ऑफिस में शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर चंडीगढ़ सीबीआइ ने ट्रैप लगाकर चंडीगढ़ से आरोपित एसआइ हेमंत खंडूड़ी को चंडीगढ़ बुला लिया, और जैसे ही आरोपित एसआइ हेमंत खंडूरी ने पैसे पकड़े सीबीआइ टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तार कर लिया। सीबीआइ टीम मामले की जांच करने के साथ आरोपित के देहरादून स्थित घर पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच में लगी है। इसके अलावा उसकी तैनाती कैंट थाने में होने को लेकर भी जांच कर रही है। मामले में थाने के प्रभारी तथा विभाग के अन्य अधिकारियों से भी सीबीआइ पूछताछ कर सकती है।
सीबीआई टीम ने शनिवार दोपहर बाद एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए कैंट के सब इंस्पेक्टर को सेक्टर 72 चंडीगढ़ में अरेस्ट कर लिया। जबकि दरोगा के अरेस्टिंग की सूचना सीबीआई ने दून पुलिस के बड़े अफसरो को फोन पर दी। हालांकि अभी तक इस मामले में दरोगा के साथ गए दोनो सिपाहियों की कोई भूमिका सामने नही आ पाई है लेकिन सीबीआई ने उन्हें भी जांच पड़ताल के लिए चंडीगढ़ ही रोक दिया है।
वैसे अभी तक इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई बयान उत्तराखंड पुलिस की तरफ से सामने नहीं आया है और ना ही अभी तक सीबीआई ने ही कुछ इस तरह का बयान ही सार्वजनिक किया है। लेकिन उच्चपदस्थ सूत्रों से मामले में जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार अभी तक दरोगा की ही गिरफ्तारी हुई है।