चमोली जिले की पोखरी तहसील की अवयस्क बालिका को बेचने का मामला

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जागरूक शिक्षक ने किया खुलासा : दिया छात्रा को सहारा

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रमेश गैरोला ”पहाड़ी”
चमोली जिले की पोखरी तहसील की ग्राम सभा खन्नी के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की को बेचने और उसके साथ दुर्व्यवहार का एक गम्भीर मामला प्रकाश में आया है। ग्राम सभा की अनुसूचित जाति बस्ती बनखुरी की 14 वर्षीय बालिका राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिशंकर में कक्षा 8 की छात्रा है। कोरोना की बंदी के बाद जब विद्यालय खुला और छात्रा विद्यालय नहीं आई तो शिक्षक उपेंद्र सती जी ने उसकी ढूँढखोज की।
पता चला कि उसकी शादी पिता ने कुछ रुपयों के लालच में एक 25 वर्षीय युवक से कर दी है। कुछ दिन मौज-मस्ती के बाद तथाकथित पति ने बालिका की पिटाई शुरू कर दी। शिक्षक ने पता किया तो वह अपने मायके में मिली। श्री सती ने उसे स्कूल आने और उसकी पढ़ाई आगे जारी रखने का खर्चा उठाने की जिम्मेदारी ली तो डरी-सहमी बालिका बड़ी मुश्किल से तैयार हुई। श्री सती ने आशंका व्यक्त की है कि इस प्रकार अबोध बच्चियों को बेचने, दुराचार के मामले बड़ी संख्या में बेरोटोक चल रहे हैं और समाज के कुछ दुश्मनों ने इसे व्यवसाय बना लिया है।
यह अत्यंत गम्भीर मामला है और इसकी तुरन्त रिपोर्ट दर्ज कर बाल शोषण व महिला उत्पीड़न कानूनों के अंतर्गत कार्यवाही होनी चाहिए। मीडिया में भी इसे प्रकाशित-प्रसारित किया जाना चाहिए। प्रशासन के साथ ही न्यायालय भी इसका संज्ञान ले सके तो त्वरित व प्रभावी कार्यवाही सम्भव है। उस युवक, लड़की के पिता, बिचौलियों के विरुद्ध पोक्सो एक्ट में कठोर कार्यवाही हो सकती है। चमोली की जिलाधिकारी वन स्टॉप सेंटर से भी कार्यवाही को आदेशित कर सकती हैं।
आदर्श शिक्षक उपेंद्र सती जी को हार्दिक धन्यवाद कि उन्होंने इस प्रकरण को उजागर करने के साथ ही बालिका की शिक्षा व पोषण की जिम्मेदारी ली है। यह अत्यंत साहसी और मानवीय कदम है। इस मामले में पुलिस-प्रशासन की नींद भी टूटनी चाहिए और कानूनों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही अवश्य होनी चाहिए ताकि समाज के इन कुकर्मियों पर प्रभावी अंकुश लगे। शिक्षक को इन असामाजिक तत्वों से समुचित संरक्षण भी सुलभ कराया जाना चाहिए और उन्हें राज व समाज से प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिये।