प्रदेश के उत्थान,योगदान को जसोदा नवानी हरेला सम्मान ….

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : प्रमुख सामाजिक संगठन धाद का हरेला अभियान 16 जुलाई मंगलवार से शुरू होकर 14 अगस्त घी संगरांद तक चलेगा । एक महीने तक चलने वाला ये अभियान 14 अगस्त को उत्तराखंड के अनाज और व्यंजन की मिठास के साथ पर्व के रूप में पूरा होगा राज्य की आर्थिकी और उत्पादकता को जोड़कर योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्ति को जसोदा नवानी हरेला सम्मान भी दिया जाएगा।

पांच हजार हरेला एम्बेसडर, हरेला साथी और हरेला क्लब बनेंगे 

हरेला-2019 की जानकारी देते हुए धाद सचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि इस साल अभियान के दौरान 5 हजार वरिष्ठ नागरिक और छात्रों को हरेला एम्बेसडर बनाया जाएगा। जो पौधे लगाने, उन्हें संरक्षित करने, पर्यावरण चेतना का प्रसार करेंगे। हरेला साथी और हरेला क्लब बनाये जायेंगे। ये अभियान प्रदेश के विभिन्न स्कूलों, संस्थानों के साथ विभिन्न कॉलोनियों में होंगे।

अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए धाद अध्यक्ष लोकेश नवानी ने बताया कि उत्तराखंड के प्रकृति पर्व हरेला को लेकर धाद ने 2010 में पहली बार सामाजिक पहल करते हुए इसे सामाजिक आंदोलन का रूप दिया। जिसमें हरेला को प्रकृति और संस्कृति के समन्वय पर्व के प्रतीक के रूप में मनाने का आह्वान किया गया। इसे उत्तराखंड की आर्थिकी और उत्पादकता के सवालों के साथ जोड़ा गया। लिहाजा अब सभी वर्गों की भागीदारी के साथ संस्था हर साल हरेला मनाती है।

उन्होंने बताया कि एक माह तक आम समाज में पौधारोपण के प्रति जागरुकता के साथ राज्य की संस्कृति, साहित्य, समाज के आयामों को लेकर आयोजन होते हैं। हरेला से घी संगरांद तक इस बार भी ये आयोजन होगा।

हरेला का होगा  कैलेंडर जारी

मंगलवार को हरेला – 2019 का शुभारम्भ गांधी पार्क में राज्य वाद्य यंत्र ढोल के मर्मज्ञ लोक कलाकार स्व. ओंकार दास की याद में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण द्वारा पौधा लगाकर किया जाएगा।

17 को छात्रों का हरेला मार्च को राजभवन से होगा जिसे राज्यपाल हरी झंडी दिखाएंगे।

18 से हर दिन विभिन्न मोहल्लों, संस्थानों, स्कूलों में हरेला सभा में प्रकृति, संस्कृति, समाज और साहित्य पर चर्चा होगी।

21 जुलाई को लोकभाषा कवि गोष्ठी, 27 को साइकिल रैली राइड फॉर हरेला,

4 अगस्त को दून की जैव विविधता के लिए वाक फॉर हरेला,

10 अगस्त को व्यापक पौधारोपण,

14 को उत्तराखंड के अनाजों और व्यंजन के पर्व का आयोजन मुख्यमंत्री आवास में होगा।

उन्होंने कहा इस बार भी धाद की संरचना में मौन योगदान करने वाली पहली महिला की स्मृति में उत्तराखंड हिमालय के उत्थान में योगदान देने वाले व्यक्ति को 51 हजार रूपये का जसोदा नवानी हरेला सम्मान दिया जाएगा।

यह सम्मान अब तक फील गुड के सुधीर सुन्द्रियाल और हटाल त्यूनी के प्रेमचंद शर्मा को दिया जा चुका है। प्रेस वार्ता में लोक कला केंद्र की संयोजक रीटा भंडारी और विनोद भी मौजूद थे।