राज्य वाइल्डलाइफ बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव हुए पारित, कोमल सिंह से हटे तीन -तीन चार्ज

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एयर पोर्ट के प्रस्ताव को एक बार फिर केंद्र को भेजे जाने का प्रस्ताव

खबर का असर : कोमल से हटे तीन-तीन चार्ज 

चर्चाएं: चार्ज हटने के बाद आला अधिकारियों की परिक्रमा में जुटे कोमल 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

उत्तराखंड वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक के निर्णय 

देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 16वीं बैठक में शिवालिक एलीफेन्ट रिजर्व की अधिसूचना को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
बोर्ड ने प्रदेश में विकास परियोजनाओं में बाधक बन रहे शिवालिक सहित प्रदेश में 14 एलिफेंट रिजर्व खत्म करने का निर्णय लिया है। पारित प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश में दून से लेकर शारदा नदी तक करीब 5200 वर्ग किलोमीटर का एरिया एलिफेंट रिजर्व के नाम पर नोटिफाई है। इसके साथ ही लालढ़ांग चिल्लर खाल मार्ग की स्वीकृति हेतु राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को पुनः प्रस्ताव प्रेषित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में अन्य जो महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये उनमें गोविन्द वन्य जीव विहार वन क्षेत्र के अन्तर्गत पीएमजीएसवाई द्वारा जनपद उत्तरकाशी के मोरी में नैटवाड़ से नुराणू तक 12 कि0मी0 मोटर मार्ग, नैटवाड से हल्द्वाड़ी 23 कि0मी0 मोटर मार्ग, हल्द्वाड़ी से सेवा मोटर मार्ग लम्बाई लगभग 13 कि0मी0, पॉव से सिरगा मोटर मार्ग 08 कि0मी0 मोटर मार्ग, जनपद चमोली के केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अन्तर्गत रूद्रनाथ मन्दिर पेयजल योजना, कार्बेट टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत रामनगर क्षेत्र में धनगढ़ी नाले में 150 मी0 पुल निर्माण, पनोद नाले में 90 मी0 स्पान का पुल, गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क के अन्तर्गत नादुंग से जनकताल ट्रेक रूट से 10 कि0मी0 खोले जाने, दुमकू से चोरगाड़ ट्रेक रूट 18कि0मी0 खोले जाने, झाला से अवाना बुग्याल 10 कि0मी0 खोले जाने, जसपुर से ब्रहमीताल ट्रेक रूट 14 कि0मी0 खोले जाने सहित उत्तरकाशी से हिमाचल के लिए ट्रक रुट्स को अनुमति सहित इनर लाइन परमिट के अधिकार जिलाधिकारी को दिए जाने के लिए अधिकृत किया गया है, वहीं बोर्ड ने एयर पोर्ट के प्रस्ताव को एक बार फिर केंद्र को भेजे जाने का प्रस्ताव किया है।  का निर्णय शामिल है।
बैठक में वन मंत्री श्री हरक सिंह रावत, विधायक श्री दीवान सिंह बिष्ट, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष श्री एस0एस0नेगी, उपाध्यक्ष वन पंचायत श्री वीरेन्द्र बिष्ट, प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक सुश्री रंजना काला, पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) श्री अशोक कुमार, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक श्री जेएस सुहाग, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सुश्री सोनिका सहित बोर्ड के सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
देहरादून : वन विभाग ने उप निदेशक कोमल सिंह से राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के हरिद्वार व देहरादून उप वन प्रभाग के साथ ही गुर्जर पुनर्वास के वन्य जीव प्रतिपालक का चार्ज वापस चार्ज भले ही वापस ले लिया गया है।
चर्चा है कि कई गंभीर मामलों की जांच की आंच से जूझ रहे कोमल सिंह को अन्य अधिकारियों की तरह मामूली शिकायत के बाद अब तक क्यों नहीं पद मुक्त किया गया अभी भी यह सवाल अरण्य भवन के गलियारों में गूंज रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अधिकारी के निलंबंन के लिए तो आईएफएस मनोज चन्द्रन की रिपोर्ट ही काफी है। वहीं सूत्रों ने बताया है कि तीन -तीन चार्ज की मलाई खा रहा यह अधिकारी अब अरण्य भवन में अपने आकाओं की गणेश परिक्रमा करने पर जुटा हुआ है ताकि एक बार फिर राजाजी पार्क में यह अपना साम्राज्य स्थापित कर सके। 
गौरतलब हो कि कोमल सिंह से पास वर्तमान में राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के हरिद्वार व देहरादून उप वन प्रभाग के साथ ही गुर्जर पुनर्वास के वन्य जीव प्रतिपालक का चार्ज वापस ले लिया गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक डीके सिंह ने  मंगलवार को यह आदेश जारी किए गए। यह तीनों चार्ज चीला उप वन प्रभाग के वन्य जीव प्रतिपालक को दिए गए हैं।

गौरतलब हो कि कोमल सिंह की छवि विवादित अधिकारी की रही है। इतना ही नहीं उन पर उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना व अधीनस्थों के साथ अभद्रता के आरोप लगते रहे हैं। पिछले दिनों राजाजी पार्क में तैनात पशु चिकिसक सहित एक महिला पशु चिकित्सक से अभद्रता के बाद उल्टा उन्ही से माफ़ी मांगे जाने की बात सामने आई थी। जिस पर तत्कालीन हॉफ जयराज ने उन्हें कड़ा पत्र लिखा था। अब  देवभूमि मीडिया की खबर की बाद विभाग से ऐसे विवादित अधिकारी से किनारा करने में ही अपनी भलाई समझी है।

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  1. भ्रष्ट अधिकारियों को उत्तराखण्ड से बाहर करो

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