देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं  से जनसमस्याओं व अन्य शिकायतों की सुनवाई की। बहुत सी समस्याओं का मौके पर निदान किया गया। मुख्यमंत्री के समक्ष समस्याओं को रखने के लिए पहले कार्यकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों को पंजीकृत  किया गया। लगभग 125 कार्यकर्ताओं की समस्याएं पंजीकृत हुईं। इसके बाद एक-एक करके मुख्यमंत्री श्री  रावत ने कार्यकर्ताओं की बातों को बड़े ध्यान से सुना।

बहुत से कार्यकर्ताओं द्वारा अपने क्षेत्रों से संबंधित जनसमस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।  मुख्यमंत्री श्री रावत के पार्टी प्रदेश मुख्यालय में आकर कार्यकर्ताओं की समस्याओं को नियमित रूप से  सुनने के लिए कार्यक्रम निर्धारित किए जाने से कार्यकर्ता उत्साहित थे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए हर दूसरे व चौथे सोमवार को  प्रातः 10 से 11 बजे तक का समय पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में निर्धारित किया गया है जबकि  जनसाधारण के लिए मुख्यमंत्री आवास में प्रत्येक पहले व तीसरे सोमवार को समय निर्धारित किया गया  है। इससे आमजन व कार्यकर्ता व्यवस्थित तरीके से अपनी बात स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकेंगे।  भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री अजय भट्ट सहित  अन्य पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

हंस फाउंडेशन के सीईओ से मिले मुख्यमंत्री 

वहीँ मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व हंस फाउंडेशन के सीईओ ले.ज. (से.नि.)  एस.एम.मेहता ने राज्य के विकास के लिए सरकार व हंस फाउंडेशन की परस्पर साझेदारी पर व्यापक  विचार विमर्श किया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि चीड़ की पत्तियों से कागज बनाने की योजना  बनाई जा रही है। इसे मनरेगा से जोड़ा जाएगा। इस प्रकार निर्मित कागज से बने फाईल फोल्डर आदि  वस्तुएं राज्य सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर ले.ज. मेहता ने हंस फाउंडेशन से सहयोग के  प्रति आश्वस्त किया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों की आजीविका के अवसर  विकसित करने होंगे। राज्य में जैविक खेती के कन्सेप्ट पर काम करना होगा। इसमें हंस फाउंडेशन जैसे संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में अनेक ग्रामीणों ने होम स्टे  प्रारम्भ किया है। ले.ज. मेहता ने मुख्यमंत्री श्री रावत के अनुरोध पर इन होम स्टे के लिए शौचालय  बनाने में फाउंडेशन से सहयोग की बात कही। यह भी तय किया गया कि डोईवाला ब्लाॅक में स्कूली  बच्चों के लिए भोजन बनाने के लिए ‘‘अक्षय-पात्र’’ प्रारम्भ किया जाएगा। इसके लिए स्थान राज्य  सरकार उपलब्ध करवाएगी।

हंस फाउंडेशन द्वारा हल्द्वानी केंसर अस्पताल के लिए फिजीशियन व ओन्कोलोजिस्ट की आवश्यकता  बताए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ओन्कोलोजिस्ट की नियमित सेवाएं नहीं मिलती हैं तो दिल्ली से साप्ताहिक आधार पर आन्कोलोजिस्ट विशेषज्ञ की सेवाएं ली जाएं।

हंस फाउंडेशन द्वारा उत्तराखंड में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए फाउंडेशन के सीईओ ले.ज.  (से.नि.) एस.एम.मेहता ने बताया कि हंस फाउंडेशन द्वारा पिंडर घाटी में समन्वित ग्रामीण विकास का  कार्यक्रम वर्तमान में 8 गांवों की 50 बस्तियों में चल रहा है। यहां पीने का पानी, बिजली, कृषि आदि  गतिविधियां चलाई जा रही हैं। फाउंडेशन द्वारा 12 एम्बुलेंस अपने खर्च पर राज्य सरकार को संचालन  के लिए उपलब्ध करवाई गई है। हल्द्वानी कैंसर अस्पताल की खराब मशीनों की मरम्मत करवाई गई है। मेमोग्राफी की जांच के लिए दो मोबाईल वैन की व्यवस्था की गई है।

सतपुली में 250 बिस्तरों का अस्पताल व एक नैत्र चिकित्सालय भी संचालित किया जा रहा है। 100  इंजीनियरिंग व मेडिकल छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। प्रदेश के 100 गांवों में ग्रेविटी आधारित  पेयजल योजना बनाई जा रही है। इसके बाद 100 और गांवों को इसके अंतर्गत लिया जाएगा। राज्य में  हंस फाउंडेशन द्वारा वर्तमान में 167 करोड़ रूपए से अधिक के प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। बैठक  में सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा व हंस फाउंडेशन के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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