भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी हुई घोषित

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प्रदेश कार्यकारिणी में पर्वतीय जिलों को जहाँ कोई ख़ास तरजीह नहीं जबकि तराई वाले जिलों को मिला  खासा महत्व!

पर्वतीय क्षेत्रों में कम विधानसभा क्षेत्रों के होने का खामियाजा पर्वतीय भाजपा कार्यकर्ताओं को पड़ा है भुगतना !

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

प्रदेश महिला मोर्चा पदाधिकारियों की भी हुई घोषणा

प्रदेश अध्यक्ष ऋतु खंडूडी, उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया, सुषमा रावत, दीपाली कन्याल, मीनू बिष्ट, कंचन ठाकुर, आनंदी राणा, महामंत्री अन्नू मक्कड़, मोहिनी पोखरिया, मंत्री बबीता सहोत्रा, भावना शर्मा, वंदना ठाकुर बिष्ट, किरण पंत, भावना रावत, रीना गोयल, कोषाध्यक्ष नंदनी शर्मा, मीडिया प्रभारी मोनिका गुप्ता, सह मीडिया प्रभारी ऋतु मित्रा, विमला रावत, सोशल मीडिया प्रभारी पूनम शर्मा को बनाया है।

भाजपा महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष की भी हुई घोषणा

 जिलाध्यक्ष उत्तरकाशी कृष्णा राणा, चमोली चंद्रकला तिवारी, रुद्रप्रयाग कुंवरी बर्थवाल, टिहरी रेखा राणा, देहरादून जिला रचिता ठाकुर, महानगर कमली भट्ट, हरिद्वार रीता चमोली, पौड़ी नीलम मंदोलिया, पिथौरागढ़ माला सोन, बागेश्वर सविता नगरकोटी, अल्मोड़ा ममता भट्ट, चंपावत निर्मला अधिकारी, नैनीताल प्रतिभा जोशी, यूएसनगर शैली फुटेला बनाए गए।
देहरादून : भारतीय जनता पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश के अध्यक्ष बंशीधर भगत ने सोमवार को आखिरकार अपनी बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी को घोषणा कर दी है। भाजपा की इस प्रदेश कार्यकारिणी में पर्वतीय जिलों को जहाँ कोई ख़ास तरजीह नहीं दी गई  है वहीँ तराई वाले जिलों को खासा महत्व दिया गया है।  
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, अनिल बलूनी, अजय भट्ट, अजय टम्टा समेत 21 लोगों को स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। जबकि भगत की इस कार्यकारिणी में सूबे के मंत्रियों को भी शामिल किया गया है।
वहीं भाजपा की इस जम्बो प्रदेश कार्यसमिति में 87 सदस्यों को शामिल किया गया है। जबकि विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में 28 पार्टी कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया है।
कार्यकारिणी सदस्यों की संख्या की जहाँ तक बात की जाए तो पर्वतीय प्रदेश उत्तराखंड  के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग , टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, चम्पावत जैसे पर्वतीय जिलों को तराई के जिलों के अनुपात में कम सदस्य दिए गए हैं जबकि विशेष आमंत्रित सदस्यों में भी लगभग यही अनुपात रहा है।  ऐसे में यह कहा जा सकता है कि पर्वतीय क्षेत्रों में कम विधानसभा क्षेत्रों के होने का खामियाजा पर्वतीय भाजपा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ा है। 
नोट : आप खुद ही भाजपा की इस नई प्रदेश कार्यकारिणी की सूची देखिये और अपने विचार व्यक्त कीजिये की पर्वतीय कार्यकर्ताओं के साथ कितना न्याय किया गया है  ……