लोस चुनाव के बाद अब देश के तीन राज्यों में होने हैं विस चुनाव

कोर कमेटी के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने किया विचार

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

नयी दिल्ली : लोकसभा चुनाव खत्म होने के साथ ही इसी साल देश के तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा जुट गई है। इस सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बीते दिन हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड की कोर टीम के साथ अलग-अलग बैठक की। वर्तंमान में इन तीनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है और लोकसभा चुनाव में उसका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। लेकिन अब विधानसभा चुनाव में जीत के इस सिलसिले को बनाए रखने की चुनौती भी भाजपा को है।

गौरतलब हो कि पिछली बार महाराष्ट्र में भाजपा अकेले चुनाव मैदान में उतरी थी और अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब रही थी। इसे लेकर पूरे पांच साल शिवसेना के साथ उसके रिश्ते भी अच्छे नहीं रहे थे। लेकिन लोकसभा चुनाव में शिवसेना और भाजपा एक साथ आए और बड़ी कामयाबी हासिल की।

भाजपा और शिवसेना के बीच हुए समझौते के अनुसार विधानसभा में दोनों ही बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और जो सबसे अधिक सीटें जीतेगा, मुख्यमंत्री उसी पार्टी का होगा। जाहिर है भाजपा को अधिक से अधिक सीटें जीतने की कोशिश करनी होगी। रविवार की बैठक में अमित शाह और पार्टी के संगठन महामंत्री रामलाल के साथ-साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, राज्य के भाजपा अध्यक्ष और पार्टी के राज्य प्रभारी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय मौजूद थीं। बैठक के बाद मुख्यमंत्री फड़नवीस ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने निर्देश दिया है कि राज्य में भाजपा नासिर्फ अपनी सीटों के लिए मेहनत करे बल्कि शिवसेना के साथ सहयोग कर बड़ी जीत सुनिश्चित करे।

वहीं हरियाणा को लेकर कोर कमेटी की बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य भाजपा अध्यक्ष और पार्टी के प्रभारी अनिल जैन शामिल थे। पिछले विधानसभा चुनाव में हरियाणा में भाजपा पहली बार सत्ता में आने सफल रही थी और गैर-जाट को मुख्यमंत्री बनाकर नया दांव खेला था। लोकसभा चुनाव में 10 में से 10 सीटें जीतकर भाजपा ये साबित कर दिया है कि उसका यह दांव सफल रहा है। वहीं जाट वोटों की राजनीति करने वाली पार्टियां अपना खाता खोलने में विफल रही थी। ऐसे में भाजपा के सामने विधानसभा चुनाव में भी गैर-जाट जातियों को एकजुट रखने और जाट वोटों का ध्रुवीकरण रोकने की चुनौती होगी।

जबकि अलग राज्य बनने के बाद से ही गठबंधन की सरकारों के बीच राजनीतिक अनिश्चितता में रहने वाले झारखंड में भाजपा ने पिछले पांच साल एक स्थिर सरकार देने में सफल रही है। झारखंड के लिए अमित शाह ने कुल 81 सीटों में से 65 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया है। बैठक के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवरदास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य की जनता भाजपा के शासन से खुश है। और जिस तरह लोकसभा की 14 में से 12 सीटें भाजपा ने जीतीं, उसी तरह विधानसभा में भी बड़ी जीत मिलेगी।

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