भाजपा विधायक ने अपनी ही पार्टी के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक पर उठाई की सीबीआइ जांच की मांग

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संपत्ति को खुर्द बुर्द करने और इसे हड़पने की साजिश रचने का लगाया आरोप

सीबीसीआडी, एसआइटी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से मंत्री की कराई जाए जांच 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

हरिद्वार। हरिद्वार ग्रामीण के भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और आर्य समाज सार्वदेशिक वैदिक यतीमंडल के प्रधान स्वामी यज्ञमुनि ने प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक पर गुरुकुल महाविद्यालय की एक हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति को खुर्द बुर्द करने और इसे हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए सीबीआइ जांच कराने की मांग की है। इतना ही नहीं उन्होंने मामले की जांच के लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलने की बात भी कही है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की सीबीआइ, सीबीसीआडी, एसआइटी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराई जाए। विधायक यतीश्वरानंद ने कहा वह आर्य समाज से हैं, जनसेवा के लिए राजनीति को माध्यम चुना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उनके गुरुकुल महाविद्यालय सभा कार्यकारिणी में होने पर सवाल उठाता है तो वह किसी ऐसे व्यक्ति को खोजकर लाएं, जो आर्य समाज की रक्षा को समर्पित हो। वह एक मिनट में अभी इस पद को छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि 2016 में हमारी कार्यकारिणी पांच साल के लिए बनी थी जो आज भी वजूद में है।

उन्होंने कहा दूसरा पक्ष गलत तर्क दे रहा है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि गुरुकुल महाविद्यालय में कोई तीसरा पक्ष नहीं आएगा। इस मामले में दो पक्ष एक वह स्वयं और दूसरे सभा प्रधान योगेंद्र सिंह चौहान थे।

वहीं, प्रधान स्वामी यज्ञमुनि ने आरोप लगाया कि शहरी विकास मंत्री व उनके इशारे पर काम करने वालों को आर्य समाज के सिद्धांतों को लेकर स्थापित गुरुकुल की एक इंच जमीन भी कब्जाने नहीं दिया जाएगा। दूसरे पक्ष की अंतरंग सभा की कार्यकारिणी को फर्जी और अमान्य बताते हुए उन्होंने कहा कि एसडीएमआइटी के संचालक अनिल गोयल छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपित हैं।

परिसर में स्वामी दर्शनानंद की पुण्यभूमि पर उनके नाम का दुरुपयोग करने की किसी को इजाजत नहीं है। अब यदि ऐसा हुआ तो अनिल गोयल सीधे जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए वैधानिक कारवाई की जाएगी। पत्रकार वार्ता के दौरान आर्य समाज के संन्यासी स्वामी विश्वानंद, मुख्य अधिष्ठाता बलवंत सिंह चौहान, यशवीर सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।