प्रदेश के 113 महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के परिणाम 

NSUI  को लेनी पड़ी विद्यार्थी परिषद और निर्दलीय से चुनौती

AVBP को DAV में आपसी कलह से देखना पड़ा हार का मुंह 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : प्रदेश के 113 महाविद्यालयों में सोमवार को छात्रसंघ चुनाव करा लिए गए। इनमें अध्यक्ष व सचिव पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और निर्दलीयों का दबदबा रहा। एनएसयूआइ को विद्यार्थी परिषद और निर्दलीय दोनों से चुनौती मिली।

ज्यादातर कॉलेजों में एनएसयूआइ को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। इसके उलट प्रदेश के सबसे बड़े दो महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में अभाविप को आपसी कलह के चलते 12 साल बाद हार का मुंह देखना पड़ा, जबकि कुमाऊं मंडल में स्थित एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में भी उसकी हार हुई।

राज्यभर के आंकड़ों के अनुसार अध्यक्ष पद पर अभाविप के 47 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जबकि निर्दलीय व स्थानीय संगठनों के 46 व एनएसयूआइ के 19 प्रत्याशी जीते। सचिव पद पर अभाविप ने 34, एनएसयूआइ ने 15 पदों व निर्दलीयों ने 57 पदों पर जीत दर्ज की है। जबकि छह पद रिक्त हैं।

प्रदेश के सरकारी एवं सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में सोमवार को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मतदान हुआ। जिसमें एक लाख 30 हजार छात्र मतदाताओं में से अधिकतर ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, महासचिव सहित विवि प्रतिनिधि पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया।

एबीवीपी के प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 70 फीसद महाविद्यालयों में उनके प्रत्याशी जीतने में कामयाब हुए हैं। जहां संगठन को सफलता नहीं मिली, वहां और मेहनत की जाएगी।

एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी के मुताबिक 19 महाविद्यालयों में एनएसयूआइ के प्रत्याशियों ने अभाविप व अन्य संगठनों को हराकर जीत का परचम लहराया है। उधर, प्रदेश में छोटे-छोटे छात्र संगठन आर्यन, सत्यम-शिवम, दिवाकर, जौनपुर ग्रुप व जय हो ग्रुप जैसे संगठनों ने अध्यक्ष व सचिव पदों पर जीत दर्ज की है।

श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने कहा कि विवि के सभी कॉलेजों में शांतिपूर्ण चुनाव हुए और दोपहर बाद परिणाम घोषित कर दिए गए। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एससी पंत ने बताया कि मतदान सभी महाविद्यालयों में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ है।

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