उत्तराखण्ड के 11 वें डीजीपी होंगे “खाकी में इंसान” अशोक कुमार

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1989 बैच के आईपीएस अशोक कुमार को है पुलिसिंग का लंबा अनुभव

वर्तमान तक डीजी कानून व्यवस्था की थी जिम्मेदारी

57 वर्षीय कुमार 2023 तक देंगे सेवा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून । उत्तराखंड के अगले पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक कुमार होंगे। शुक्रवार को उनकी पदोन्नति के आदेश जारी हो चुके हैं। 30 नवंबर को वर्तमान डीजीपी अनिल रतूड़ी के सेवानिवृत्त होते ही वह डीजीपी का पदभार ग्रहण कर लेंगे।
अशोक कुमार (ashok kumar) 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह डीजी (कानून व्यवस्था) के पद तैनात हैं। 57 वर्षीय कुमार 2023 तक डीजीपी के रूप में सेवाएं देंगे।
खाकी में इंसान पुस्तक के लेखक अशोक कुमार का जन्म और पालन-पोषण हरियाणा के जिला पानीपत के एक छोटे से गाँव कुराना में हुआ था। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गाँव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की और IIT दिल्ली से BTech (1986) और MTech (1988) किया।
श्री अशोक कुमार वर्ष 1989 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए और उन्होंने इलाहाबाद, अलीगढ़, चमोली, मथुरा, शाहजहाँपुर, मैनपुरी, रामपुर, नैनीताल और हरिद्वार जैसे स्थानों में यूपी और उत्तराखंड राज्य में अपनी सेवाएं देते हुए कई चुनौतीपूर्ण कार्य किए। उत्तराखण्ड बनने से पूर्व वे चार जनपदों में सेवा दे चुके हैं, जो अब 5 जनपदों में तबदील हो चुके हैं। उन्होंने कुमाऊं के तराई क्षेत्र से आतंकवाद के खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 22 जनवरी 1994 को ऊधमसिंहनगर में हीरा सिंह गैंग के साथ हुए एक बड़े एन्काउन्टर को उन्होंने खुद लीड किया। इस एन्काउन्टर में 3000 राउण्ड फायरिंग हुई थी।
वर्ष 1994 में पुलिस अधीक्षक चमोली के पद नियुक्त रहे। इस दौरान जनता के साथ परसपर संवाद एवं सहयोग से वहां उत्तराखण्ड आन्दोलन काफी शान्तिपूर्ण रहा। वर्ष 1995-96 में वे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार तथा वर्ष 1999 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल के पद पर सेवारत रहे।