देहरादून । उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक एमए गणपति को गृह मंत्रालय ने अपर महानिदेशक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के पद पर नियुक्ति प्रदान की है। हालांकि वे कांवड़ यात्रा को देखते हुए 21 जून तक उत्तराखंड में तैनात रहेंगे। उनकी इस नियुक्ति के बाद प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए महानिदेशक सतर्कता का कार्य देख रहे अनिल कुमार रतूड़ी की इस पद पर ताजपोशी तय मानी जा रही है। 

पुलिस महानिदेशक एमए गणपति 1986 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 30 अप्रैल 2016 को उत्तराखंड के डीजीपी का पद संभाला था। उस दौरान इस पद के मुख्य दावेदार 1982 बैच के आइपीएस एसके भगत भी थे, लेकिन केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर होने के कारण उन्होंने इसमें रुचि नहीं दिखाई। भगत इसी वर्ष 30 जून को सेवानिवृत हो चुके हैं। मौजूदा डीजीपी एमए गणपति का कार्यकाल लगभग सवा साल का ही रहा। वे निर्विवाद के साथ -साथ ईमानदार छवि के अधिकारी रहे हैं।

केंद्रीय डपेटेशन समाप्त कर डीजीपी का पद संभालने वाले एमए गणपति के कार्यकाल के मात्र सवा साल बाद ही उन्हें फिर से प्रतिनियुक्ति पर बुलाए जाने का फैसला थोड़ा हैरतभरा भी है। डीजीपी एमए गणपति की केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर मुहर लगने के बाद प्रदेश के नए डीजीपी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस समय सबसे आगे महानिदेशक सतर्कता अनिल कुमार रतूड़ी का नाम चल रहा है। 1987 बैच के आइपीएस अनिल कुमार रतूड़ी इस समय प्रदेश में सबसे वरिष्ठ अधिकारी है। इतना ही नहीं केवल वे ही डीजी पद के लिए तीस साल की अनिवार्य सेवा की पात्रता को पूरा भी कर रहे हैं।