श्रीनगर : थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना और प्रदेश सरकार मिलकर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को पहाड़ की जनाकांक्षाओं का मेडिकल कॉलेज बनाकर यह देश में  एक मिसाल भी बनेगा। यह बात मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद जनरल रावत ने कही।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज सेना को सौंपे जाने की चर्चाओं के बीच रविवार को थलसेनाध्यक्ष रावत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ श्रीनगर पहुंचे थे । उन्होंने बेस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जनरल रावत अपराह्न करीब सवा तीन बजे आर्मी मेडिकल कोर सेंट्रल कमांड के मेजर जनरल डीएस भाकुनी और कुछ अन्य उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ बेस अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने बेस अस्पताल का निरीक्षण कर चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कालेज पहुंचकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की। यहां मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र रावत भी उनके साथ थे।

मेडिकल कालेज में विभागाध्यक्षों और फैकल्टियों की बैठक में थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार और सेना मिलकर श्रीनगर मेडिकल कालेज को आदर्श कालेज के रूप में संचालित करेंगे। उन्होंने कहा कि, इस संयुक्त पहल से पहाड़ की जनता के साथ ही सीमा और अन्य क्षेत्रों में तैनात जवानों और उनके परिजनों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।

जनरल रावत ने कहा कि मेडिकल काॅलेज में पूर्व सैनिकों उनके आश्रितों एवं जन सामान्य को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के प्रयास भारतीय सेना द्वारा किये जाएंगे। उन्होंने बेस अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया तथा वहां पर तैनात चिकित्सों, फार्मासिस्टों व चिकित्साकर्मियों से चिकित्सा सुविधा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इमर्जेंसी, ओपीडी, सर्जिकल वार्ड, ओटी, एमएलटी लैब समेत कई अन्य स्थानों का निरीक्षण तथा चिकित्सा प्रबन्धन से जुड़े डाक्टरों से विचार विमर्श किया। इसके बाद जनरल बिपिन रावत बेस अस्पताल से मेडिकल कालेज पहुंचे। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि जनरल रावत भी इस बात से सहमत हैं कि सेना मेडिकल कालेज में मल्टीस्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कालेज में वर्तमान में कार्यरत किसी भी कर्मचारी का इस दौरान कोई अहित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक डा.धन सिंह रावत के अथक प्रयासों के बाद श्रीनगर के बेस अस्पताल तथा मेडिकल कालेज के सेना प्रमुख के निरीक्षण के बाद सेना द्वारा संचालित करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि कुछ औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद शीघ्र ही श्रीनगर के मेडिकल व बेस चिकित्सालय में सेना द्वारा सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भारतीय सेना द्वारा बेस चिकित्सालय श्रीनगर श्रीकोट को चिकित्सीय सुविधाओं से लैस करने को लेकर भारत के रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की सहमति से पहाड़ों मंें लोगों को अच्छी व सुविधा जनक चिकित्सा सेवाएं मुहैया हो सकेंगी। 

प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष सयाना, मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर डा. चंद्रमोहन सिंह रावत, वित्त नियंत्रक डा. विवेक स्वरूप के साथ ही अन्य उच्चाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री और जनरल बिपिन रावत का श्रीनगर मेडिकल कालेज में पूर्व निर्धारित लगभग एक घंटे का कार्यक्रम भी था। जिसमें जनरल रावत मीडिया से भी बातचीत भी शामिल थी। लेकिन, अचानक मौसम बिगड़ने के कारण उन्हें कार्यक्रम में तब्दीली करनी पड़ी। मेडिकल कालेज में लगभग 20 मिनट बितने के बाद मुख्यमंत्री और जनरल रावत मेडिकल कालेज से हेलीपैड के लिए निकल गए।

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