AIIMS : मुहं के कैंसर पर आधारित दो दिवसीय ट्रेनिंग कोर्स विधिवत संपन्न

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एम्स के सोशल वर्करों के माध्यम से कैंसर रोगियों को चिह्नित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

ऋषिकेश : AIIMS अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में कैंसर सर्जरी विभाग की ओर से मुहं के कैंसर पर आधारित दो दिवसीय ट्रेनिंग कोर्स विधिवत संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रशिक्षु चिकित्सकों को मुहं के कैंसर के बढ़ते मामलों की वजह, लक्षण व कैंसर सर्जरी की तकनीक से रूबरू कराया।

एम्स संस्थान में कैंसर सर्जरी विभाग के तत्वावधान में आयोजित मास्टर क्लास प्रशिक्षण कार्यशाला में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने मास्टर क्लास के ट्रेनिंग कोर्स के सफल आयोजन के लिए कैंसर सर्जरी विभाग को बधाई दी। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा ​कि एम्स संस्थान का प्रयास है कि अपने अनुभवी चिकित्सकों व तकनीक की सहायता से कैंसर रोग पर अधिक से अधिक रोकथाम की जा सके।

उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा ऋषिकेश व हरिद्वार के मध्य तकरीबन 15 लाख की आबादी क्षेत्र में एम्स के सोशल वर्करों के माध्यम से कैंसर रोगियों को चिह्नित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि शीघ्र ही एम्स में कैंसर रजिस्ट्री स्थापित की जा रही है,जिसमें इन दोनों शहरों के कैंसर रोगियों की संख्या का आंकलन किया जाएगा और जिससे इस जानलेवा बीमारी के नियंत्रण में विशेषतौर पर मदद मिलेगी।

कार्यशाला में टाटा मैमोरियल सेंटर वाराणसी के डा. स्वागनिक चक्रवर्ती, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू लखनऊ के डा. हरिराम, एम्स संस्थान के डीन एकेडमिक व कैंसर विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज गुप्ता आदि ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। एम्स के सर्जिकल ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. एसपी अग्रवाल ने कहा कि कैंसर सर्जरी विभाग युवा शल्य चिकित्सकों को कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने को प्रतिबद्ध है,जिससे मरीजों को इस रोग से निजात मिल सके।

वरिष्ठ चिकित्सक डा. पंकज कुमार गर्ग ने बताया कि युवा शल्य चिकित्सकों को कैंसर सर्जरी की बारिकियों से रूबरू कराने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था,जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों ने 30 चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया और उन्हें अपने अनुभवों से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों ने इस पर विशेष प्रकाश डाला कि कैंसर रोगियों के उपचार के साथ साथ उनके प्रति सहानुभूति व मधुर व्यवहार अपनाया जाना चाहिए।

कार्यशाला में ईएनटी, जनरल सर्जरी, एनोटॉमी, न्यूरो सर्जरी,रेडियोलॉजी आदि विभागों के चिकित्सक शामिल हुए। कार्यशाला में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. ब्रह्मप्रकाश, आयोजन सचिव डा. महेंद्र पाल सिंह, डा. भियांराम, डा.सलाउद्दीन अंसारी, डा.धर्माराम, डा. यूबी मिश्रा आदि मौजूद थे।