ऐसे मामले देशभर में निहायत ही कम अस्पतालों में ही संभव

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

ऋषिकेश : एम्स ऋषिकेश में रक्तादान चिकित्सा एवं रक्तकोष विभाग ने थैराप्यूटिक रेडसेल एक्सचेंज जिसमें मरीज की विकृत लाल रक्त कणिकाओं को रक्तदान से निकाली हुई सामान्य लाल रक्त कणिकाओं से बदला गया है, AIIMS ने इस तरह की जटिल चिकित्सकीय प्रक्रिया को पहली बार अंजाम दिया।

निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने चिकित्सकीय टीम को इस सफलता के लिए चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र निवासी उक्त मरीज के रिश्तेदार उत्तराखंड में रहते हैं, उन्होंने संस्थान में नियमिततौर पर किए जा रही गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद अपने रिश्तेदार मरीज को महाराष्ट्र से बुलाकर ऋषिकेश एम्स में उपचार कराया।

निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि उत्तराखंड में यह अपनी तरह का पहला प्रोसिजर हुआ है, जो संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। निदेशक ने बताया कि ऐसे मामले देशभर में निहायत कम अस्पतालों मेें ही संभव हो पाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार एम्स संस्थान में कूल्हे में ऐ-वेस्कुलर नेक्रोसिस की बीमारी से ग्रसित महाराष्ट्र निवासी एक 22 वर्षीय महिला को हड्डी रोग विभाग में भर्ती किया गया ।यह बीमारी उसे सिकिल सेल नामक बीमारी से हुई थी। सिकिल सेल नामक बीमारी की वजह से मरीज की सर्जरी नहीं हो पा रही थी। वजह ग्रसित महिला के शरीर में सिकिल सेल कोशिकाओं का प्रतिशत 66.5 तक बढ़ गया था,

जबकि चिकित्सकों के अनुसार इसकी मात्रा अधिकतम 30 प्रतिशत होनी चाहिए। लिहाजा इस बीमारी के उपचार के लिए उसे ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया। विभाग में मरीज की विकृत लाल रक्त कणिकाओं रेड ब्लड सेल्स को रक्तदाताओं से निकाली गई स्वस्थ लाल रक्त कणिकाओं से बदला गया। जिससे इस प्रक्रिया के बाद महिला के शरीर में सिकिल सेल विकृत लाल रक्त कणिकाओं का प्रतिशत 17.6 रह गया। इसके बाद महिला की ऐ-वेस्कुलर नेक्रोसिस सर्जरी संभव हो सकी।

विभाग में यह प्रक्रिया विभागाध्यक्ष डा. गीता नेगी की देखरेख में संकाय सदस्यों डा. दलजीत कौर, डा. सुशांत कुमार मीनिया व डा. आशीष जैन, डिपार्टमेंट ऑफ क्रिटिकल केयर, आर्थोपेडिक विभाग, मेडिकल ओंकोलाॅजी एंड हेमेटोलॉजी, पैथोलाॅजी (हेमेटोलॉजी) के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस अवसर पर ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. गीता ने कहा कि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत की अगुवाई में संस्थान के चिकित्सक नियमिततौर पर नए व जटिल मामलों को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं।

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