मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के नए ओपीडी ब्लॉक का मामला 

उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम की कार्यप्रणाली कठघरे में

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही

मिली जानकारी के अनुसार निर्माण एजेंसी ने जहां पर लोहे के हुक लगाने थे, वहां पर तार के टुकड़े लगाकर जुगाड़ कर दिया। जिससे ये हादसा हुआ। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, निर्माण कंपनी पर पहले भी लापरवाही का आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा काम में ढिलाई को लेकर स्वास्थ्य सचिव भी यूपीआरएनएन के अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं। नई ओपीडी के बी-ब्लॉक और नए ओटी ब्लॉक का काम सुस्त गति से चल रहा है। जिसे नवंबर तक पूरा होना है।

देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के नए ओपीडी ब्लॉक की निर्माण के दौरान पोर्च की छत का लेंटर गिरने के बाद अब सोमवार को यहां दंत रोग विभाग की सीलिंग गिर गई हालांकि उस वक़्त वहां न कोई मरीज ही था और न चिकित्सक ही ओपीडी में मौजूद था। अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
उत्तराखंड में निर्माण कार्यों में तमाम खामियों को लेकर उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम फिर एक बार कठघरे में है। मामला निर्माण कार्यो की गुणवत्ता से जुड़ा है।इस बिल्डिंग के उद्घाटन हुए अभी पांच माह भी नहीं हुए हैं कि एक और हकीकत सामने आ गयी है ,अबकी इससे पहले निर्माण के दौरान पोर्च का लेंटर ही भरभराकर गिर गया था।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.के.टम्टा मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण एजेंसी से जुड़े अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और प्राचार्य को पत्र भेज कर निर्माण एजेंसी उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम पर कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया है।

गौरतलब हो कि दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय की नई बिल्डिंग का निर्माण तहसील चौक के समीप हुआ है। इसका ए-ब्लॉक तैयार हो चुका है, जबकि बी-ब्लॉक का निर्माण अभी चल ही रहा है। बिल्डिंग के चतुर्थ तल पर दंत रोग विभाग है। जिसके दो ओपीडी कक्ष हैं। सोमवार को ईद का त्योहार होने के कारण मरीजों की भीड़ कम थी, जिस कारण एक कक्ष बंद कर दिया गया। डॉक्टर दूसरे कक्ष में मरीजों को देखने लगे। दोपहर करीब 12 बजे बंद ओपीडी कक्ष की सीलिंग तेज आवाज के साथ गिर पड़ी। तेज आवाज सुनते ही अस्पताल में अफरातफरी मच गई।

घटना की सूचना पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. टम्टा मौके पर पहुंचे और निर्माण एजेंसी के अधिकारी व इंजीनियरों को तलब किया। उन्होंने बताया कि पूरी रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को भेज दी गई है। उधर, प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया जा रहा है।

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