लोकनिर्माण विभाग का कारनामा : सड़क पर एक इंच डामर नहीं डाला और खा गए 29 लाख रूपये

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जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से खुला घोटाला 

चर्चित मामले की दो साल पहले ही हो गई थी पूरी जांच,लेकिन लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी मामले को दबाने की कर रहे थे कोशिश 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
कर्णप्रयाग : चमोली जिले के थराली -देवाल इलाके के पलवरा-लग्गा-ओडर मार्ग पर लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क पर डामर यानि ब्लैक टॉप तो किया नहीं और कागजों में डामरीकरण दिखाकर 29 लाख रूपये की आपस में बंदरबांट कर रूपये हजम कर डाले। मामले की फाइल खुलते ही डामरीकरण के इस घोटाले में विभाग ने आठ अभियंताओं पर चार्जशीट तैयार कर दी है। घोटाले के उजागर होने के बाद दबाव के चलते अधिशासी अभियंता थराली ने अधीक्षण अभिंयता गोपेश्वर को मामले में कार्रवाही करने के लिए चार्जशीट भेज दी है। जिस पर उत्तराखंड शासन द्वारा अब कार्रवाही होनी निश्चित है।  गोपेश्वर में अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार ने बताया कि रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन स्तर से ही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होगी।
गौरतलब हो कि इस चर्चित मामले की दो साल पहले मामले की जांच पूरी हो गई थी लेकिन लोकनिर्माण विभाग के अधिकारी मामले को दबाते जा रहे थे, लेकिन इलाके के जनप्रतिनिधि लगातार मामले में जिम्मेदार अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बना रहे थे। सूचना के अधिकार के तहत पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रैन पलवरा रविन्द्र बिष्ट ने पलवरा लग्गा ओडर मोटर मार्ग पर डामरीकरण की सूचना मांगी। जिसमें सड़क डामरीकरण कार्यों पर 28.88 लाख व्यय दर्शाया गया। 
जांच में जब यह सामने आया कि सड़क पर एक इंच डामर नहीं पड़ा है तो रविन्द्र बिष्ट ने तत्कालीन जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी से मामले की जांच की मांग की। तत्कालीन डीएम ने तीन साल पहले जांच टीम गठित कर सड़क की जांच करवाई तो इसमें वित्तीय अनियमितता की पुष्टी हुई। जिलाधिकारी ने कार्रवाई करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी। लेकिन चोर-चोर मौसी भाई होने के चलते शासन में ही यह फाइल कहीं गुम हो गयी लेकिन उधर क्षेत्रीय ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने कार्रवाई को लेकर कई बार देवाल विकास खंड मुख्यालय पर कई बार जन आंदोलन किए।
आखिरकार काफी लम्बे संघर्ष के बाद अब विभागीय कार्रवाई अमल में आई है। कार्रवाई करते हुए विभाग ने तत्कालीन लोनिवि थराली के दो अधिशासी अभियंता मूल चंद गुप्ता व आशुतोष, चार सहायक अभियंता जगदीश सिंह खाती, मदन सैन, आईए खान, शक्ति प्रसाद उनियाल तथा दो जेई शैलेन्द्र फर्स्वाण और जगदीश चंद्र पाण्डेय पर चार्जशीट तैयार की है।