महज 21 दिन में निपटा दिए 9.30 करोड़ के एक साल में पूरा होने वाला काम !

क्या सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए हुआ सारा खेल?

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड केअधिकारी और ठेकेदार सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए एक ऐसा कारनामा सामने आया है जहां  निगम ने हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की गति से भी तेज़ निर्माण कार्य निपटा कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यदि पूरे  प्रदेश में निर्माण कार्यों की यही गति रही तो इससे जहां लगत में कमी आएगी वहीं आम जन को तुरंत सुविधा भी मिलनी शुरू हो जाएगी। 

ऐसा ही एक मामला डाकपत्थर बैराज में किए गए करोड़ों के सिविल कार्य में उजागर हुआ है। जहां ठेकेदार ने निगम के अधिकारियों से मिलकर इतनी फुर्ती दिखाई कि एक साल की अवधि के कार्य को महज 21 दिन में निपटा दिया। निगम द्वारा संबंधित ठेकेदार को जारी किया गया अनुभव प्रमाण पत्र तो कम से कम यही साबित करता है। अब सवाल यह उठना लाज़मी है कि आखिर करीब 9 .30 करोड़ के कार्य को महज 21 दिन में कैसे निपटा दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम के साथ हुए अनुबंध संख्या- Date 28-5- 2019/ 02EE/ PCM-DKP-2019 20 के तहत पराग जैन नाम की फर्म को डाकपत्थर बैराज डाउनस्ट्रीम में सिविल कार्य के लिए करीब 6.87 करोड़ ठेका मिला। निर्माण कार्य 29-5-2019 को शुरू हुआ। अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य करीब एक साल यानी 28-5-2020 को पूरा होना था, लेकिन निगम के अधिकारियों और ठेकेदार ने महज 21 दिन यानी 19-5 2019 को ही निर्माण कार्य पूरा कर दिया। निर्माण की कागजों में इस तेजी से इंजीनियरिगक्षेत्र में कार्य करने वाला हर कोई अचंभित है। मामले के खुलासे से जहां निगम के अधिकारियों में हड़कंप है। वहीं आम आदमी को भी यह बात हजम नहीं हो रही है कि आखिर एक वर्ष का कार्य 21 दिनों में कैसे पूरा हो गया। 

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