थाईलैंड में ग्राहकों से धोखाधड़ी में रेस्टोरेंट मालिकों को 723 साल की सजा

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ग्राहको के साथ कम दाम पर बूफे के कूपन बेचने और स्कीम रद्द करके धोखाधड़ी किए जाने का मामला

बैंकाक : थाईलैंड में धोखाधड़ी के मामले में रेस्टोरेंट के दो मालिकों को कोर्ट ने 723 साल जेल की सजा सुनाई है। इस मामले में सजा जितनी अजीबोगरीब है, उतना ही यह मामला भी चौंकाने वाला है। वैसे आपको बता दें कि थाईलैंड में नियम है कि सार्वजनिक धोखाधड़ी के केस में दोषी को 20 साल से ज्यादा की सजा नहीं हो सकती।
अब हम आपको मामले के बारे में बताते हैं। रेस्टोरेंट के दोनों मालिका ने एक स्कीम चलाई, जो बाद में सीफूड घोटाला नाम से चर्चित हुई। इन दोनों इस स्कीम के प्रचार के लिए लोगों को बेहद कम कीमत पर अनलिमिटेड बूफे के कूपन बेच दिए। इस तरह इन दोनों ने अपने रेस्टोरेंट का प्रचार किया।
करीब 20 हजार लोगों ने इनसे 88 थाई बाह्त (करीब तीन डॉलर) में बूफे के कूपन खरीद लिए। इस स्कीम में दोनों ने लगभग 16 लाख डॉलर की रकम जमा कर ली। बाद में स्कीम को रद्द करके लोगों की रकम को पास नहीं किया। इस पर ग्राहकों के इनके खिलाफ मुकदमा कर दिया।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष के वकील ने दलील पेश की कि दोनों आरोपी जानते थे कि विज्ञापन में जिस गुणवत्ता वाले खाने की बात कही गई थी, वो इतने कम पैसे पर उपलब्ध कराना संभव नहीं था।
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि रेस्टोरेंट मालिकों ने अपना दोष स्वीकार कर लिया। कोर्ट से रहम का मांग की। कोर्ट ने उनकी 1446 साल की सजा आधी कर दी और इसे 723 साल कर दिया। इससे पहले वर्ष 2017 में थाईलैंड की अदालत ने एक धोखेबाज को 13,000 साल की जेल सुनाई थी।
दोनों आरोपियों को पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था और वे तभी से जेल में हैं। थाईलैंड में अलग अलग शिकायतों के लिए अलग-अलग सजा सुनाई जाती है।
दोनों आरोपियो पर कोर्ट ने 18 लाख बाह्त का जुर्माना लगाया है। साथ ही दोनों को ग्राहकों के 25 बाह्त रिफंड करने के लिए भी कहा है, जिसमें हर्जाना भी शामिल है। थाईलैंड में सार्वजनिक धोखाधड़ी के आरोप में 20 साल से अधिक जेल में नहीं रखने का नियम है।