• निलंबित एसडीएम समेत छह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
  • 12 अभियुक्तों के खिलाफ पहले ही दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
रुद्रपुर । एनएच 74 के करोड़ों के हुए भूमि घोटाले के कई मुख्य आरोपी जेल में हैं जिनमें निलम्बित  पीसीएस एनएस नगन्याल, अनिल शुक्ला, चकबंदी अधिकारी अमर सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी गणेश प्रसाद, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार मोहन सिंह, राजस्व अहलमद संतराम आदि शामिल हैं जो इस भूमि घोटाले में दोषी पाये गये थे और लम्बे अरसे से जेल में हैं। इस मामले की पूरी जांच एसआईटी ने की थी। अब एसआईटी की टीम जांच के उपरान्त 80 गवाह और 6100 पन्नों की चार्जशीट लेकर नैनीताल रवाना हो गयी है।
गौरतलब है कि एनएच 74 के भूमि घोटाले का जब खुलासा हुआ था तो बड़े बड़े अधिकारी इसके दायरे में आ गये थे। इसकी जांच एसआईटी की टीम ने की थी जिसके बाद एक के बाद एक गवाह एसआईटी टीम के सामने आये जिनके बयान एसआईटी टीम ने दर्ज किये। एसआईटी ने अब तक की विवेचना में तहसील जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज और गदरपुर के राजस्व अधिकारी, कर्मचारी, कृषक और मध्यस्थ को उपलब्ध मौखिक, अभिलेखीय गवाहों के बयानों, फोरेंसिंक जांच, बैंक एकाउंटों में पैसों के लेनदेन व साक्ष्यों के आधार पर  18 अभियुक्तो को गिरफ्तार किया था जिनहोंने एकराय होकर संगठित रूप से गलत रिपोर्ट प्रेषित कर कूटरचित दस्तावेजों व नियमों की अनदेखी कर बैकडेट पर 143जेडए और एलआर एक्ट की कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया था जिन्होंने आपराधिक षडयंत्र रचकर एनएच 74 में आने वाली भूमि की प्रकृति बदलकर अवैध धन अर्जित करने के उददेश्य से करोड़ों का गलत मुआवजा भुगतान प्रापत कराया जिससे सरकार को करोड़ों रूपए का वित्तीय नुकसान हुआ।
मामले में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व प्रताप शाह ने पंत नगर थाने में 18 लोगों के खिलाफ धारा 167, 218, 219, 420, 409, 466, 467, 468, 471, 474, 120बी, 34, 13(1)घ, 8 व 9 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके तहत तहसील जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, सितारगंज, गदरपुर के राजस्व अधिकारी, कर्मचारी, कृषक, मध्यस्थ के मौखिक, अभिलेखीय, गवाहों के बयानों, फॉरेंसिक जांच, बैंक एकाउंट में पैसों के लेनदेन के आधार पर 18 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों ने एक राय होकर संगठित रूप से गलत रिपोर्ट तैयार की और नियमों की अनदेखी करते हुए बैक डेट में एनएच 74 में आने वाली भूमि की प्रकृति बदलकर करोड़ा का गलत मुआवजा प्राप्त कराया और सरकार को करोड़ों का चूना लगाया। मामले में 12 के खिलाफ बीती 13 जनवरी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। जबकि अन्य छह के खिलाफ आज कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए गए। जिसमें निलंबित एसएलएओ अनिल कुमार शुक्ला, निलंबित एसडीएम नंदन सिंह नगन्याल, तत्कालीन तहसीलदार मोहन सिंह, सहा.च.अधिकारी अमर सिंह, सहा.च.अधिकारी गणेश प्रसाद निरंजन व राजस्व अहलमद संत राम शामिल हैं। विवेचना के दौरान ग्राम कुंडा के कृषकों से कमीशन के रूप में ली गई धनराशि को सही दर्शाने की मनीट्रेल प्राप्त होने पर प्रिया शर्मा के खिलाफ कोतवाली में अधियोग पंजीकृत कराया गया था। 
एसएसपी दाते के अनुसार सम्पूर्ण साक्ष्य प्राप्त होने पर 12 अभियुक्तों के विरूद्ध पूर्व में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किये जा चुके हैं एवं उक्त 6 अभियुक्तों के विरूद्ध भी आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। सभी अभियुक्त, अधिकारी और कर्मचारियों के विरूद्ध शासन एवं विभागाध्यक्षों से अभियोजन अनुमति भी प्राप्त कर ली गयी है। उपरोक्त मुकदमे में  डीपी सिंह, भगत सिंह फोनिया, अनिल कुमार, मदन मोहन पलडिया,  भोले लाल, राम समुझ, जीशान, ओमप्रकाश, चरन सिंह, संजय चैहान, विकास कुमार, अर्पण कुमार आरोप पत्र प्रेषित किया जा चुका है। विवेचना के दौरान ग्राम कुण्डा के कृषकों से कमीशन के रूप में ली गयी धनराशि को सही दशार्ने की मनीट्रेल प्राप्त होने पर प्रिया शर्मा के खिलाफ रूद्रपुर कोतवाली में अभियोग पंजीकृत कराया गया। उपरोक्त प्रकरण में तहसील बाजपुर से तहसील सितारगंज तक अभिलेखों का परीक्षण एवं पूरक विवेचना प्रचलित है। 
इस महत्वपूर्ण विवेचना में एसएसपी डा- सदानंद दाते के निर्देशन में व एसआईटी प्रभारी एएसटी अपराध कमलेश उपाध्याय और देवेंद्र पिंचा के नेतृत्व में एएसपी स्वतंत्र कुमार, निरीक्षक जीबी जोशी, एनबी भट्ट, एसआई हरिनंदन जोशी, सेवानिवृत कुंदन सिंह अधिकारी, सेवानिवृत डीआर टम्टा, एसआई पीडी जोशी, आरसी तिवारी, कां- नरेंद्र प्रसाद, योगेश वर्मा, हरीश पांडे, कमल किशोर, कुंदन भंडारी, अनिल कुमार और प्रकाश जीना थे। अब जांच के उपरान्त एसआईटी टीम सारे दस्तावेज लेकर नैनीताल हाईकोर्ट को रवाना हो गयी।
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