उत्तराखंड के न्यायालयों मेें 2.30 लाख केस लंबित

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उत्तराखंड में लम्बित केसों की संख्या में पिछले 5 वर्षों में पहली बार वृद्धि दर नकारात्मक

पिछले साल की अपेक्षा हाईकोर्ट में लम्बित केसोें में मामूली वृद्धि, जबकि अधीनस्थ न्यायालयों में 16 प्रतिशत कमी

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड केे मामलों में 2020 के प्रारंभ में 2 लाख 30 हजार 688 केस लम्बित हैै उत्तराखंड के न्यायालयों में पिछले वर्ष में लम्बित केसों की संख्या में 13 प्रतिशत कमी आयी हैै। यह कमी अधीनस्थ न्यायालयों में हुई हैै जबकि हाईकोर्ट में लम्बित केसों में मामूली वृद्धि हुई हैै। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना से यह तथ्य प्रकाश में आये है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड उच्च न्यायालस के लोेक सूचनाधिकारी से उत्तराखंड उच्च न्यायालय तथा उसके अधीनस्थ न्यायालयों में केसोें के निस्तारण सम्बन्धी विवरणों की सूचना मांगी थी। इसके उत्तर में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लोेक सूचना अधिकारी/ज्वांइट रजिस्ट्रार, के0सी0सुयाल ने न्यायालयों में लम्बित व निस्तारित केसोें के विवरणों की फोटो प्रतियां अपने पत्रांक 1475 के साथ उपलब्ध करायी है।
श्री नदीम को उपलब्ध कराये गये विवरणों के अनुसार 31 दिसम्बर 2019 को उत्तराखंड में कुल 2 लाख 30 हजार 688 केस लम्बित है जो 31 दिसम्बर 2018 को लम्बित केसों की संख्या 2 लाख 66 हजार 387 की तुलना में 13.40 प्रतिशत कम है। पिछले पांच वर्षों में पहली बार उत्तराखंड में लम्बित केसों में कमी दर्ज की गयी हैै। श्री नदीम को पूर्व में उपलब्ध कराये गये विवरणों के विश्लेषण से स्पष्ट हैै कि 2015 में पिछले वर्ष की अपेक्षा 14.76 प्रतिशत, 2016 में 15.34 प्रतिशत, 2017 में 7.66 प्रतिशत तथा 2018 में 10.97 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। यह पहला अवसर है जब लम्बित केसों की संख्या में 13.40 प्रतिशत 35699 केसोें की कमी हुई हैै।
श्री नदीम को उपलब्ध विवरणों के अनुसार 31 दिसम्बर 2019 को उत्तराखंड में कुल 2 लाख 30 हजार 688 केस लम्बित है जिसमें 1 लाख 77 हजार 14 केस अपराधिक तथा 53674 केस दीवानी के है। इसमें उच्च न्यायालय में 35407 केस जिसमें अपराधिक 13147 तथा 22260 दीवानी केस है तथा अधीनस्थ न्यायालयों में 1,95281 केस लम्बित है जिसमें 163867 अपराधिक तथा 31414 दीवानी केस शामिल हैै।
आंकड़ों से स्पष्ट हैै कि उत्तराखंड केे उच्च न्यायालय तथा उसके अधीनस्थ न्यायालय उत्तराखंड में न्यायिक अधिकारियों के पद खाली होने केे बावजूद भी लम्बित केसोें को कम करनेे में अच्छा काम कर रहे है। जहां उच्च न्यायालय में पिछले वर्ष की अपेक्षा लम्बित केसों की वृद्धि दर केवल 3.98 प्रतिशत हैै वहीं अधीनस्थ न्यायालयों में यह दर नकारात्मक हैै और पिछले वर्ष की अपेक्षा लम्बित केसों की संख्या में पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक 15.95 प्रतिशत की कमी हुई है।
श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड के अधीनस्थ न्यायालयोें में 22 प्रतिशत से अधिक न्यायिक अधिकारियों के पद रिक्त है। कुल 294 पदों में से 228 पद पर ही न्यायिक अधिकारी कार्यरत है जबकि 66 पद रिक्त हैै उसमें अपर जिला जज व जिला जजों के 9 पद तक सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के 11 तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 46 पद शामिल है।