[box type=”shadow” align=”alignright” ]बगैर विपक्ष के चला सदन गैलरी रही खाली                               भराड़ीसैण। शुक्रवार को बिना विपक्ष के ही विधनसभा सत्रा चला। विपक्ष न होने के कारण सरकार के पफटापफट काम निपटा लिया। हालांकि कुछ मामलों में सत्ता पक्ष के विधयकों आपस में चर्चा की। इन दौरान विधनसभा में एक विधेयक उत्तराखंड भौतिक चिकित्सा और व्यवसायिक चिकित्सा परिषद विधेयक-2016 वापस हो गया। गैरसैण पर चर्चा व स्थिति सापफ करने को लेकर गत दिवस भाजपा ने हंगामा करते हुए सत्रा का बहिष्कार कर दिया है। जिसके बाद भाजपा के सभी विधयकों ने भराड़ीसैण छोड़ दिया। शुक्रवार को एक ही भाजपा विधयक सत्रा की कार्रवाई में शामिल नहीं हुआ। शुक्रवार को विपक्ष की गैलरी खाली नज़र आयी। विपक्ष की गैलरी की ओर केवल विधानसभा उपाध्यक्ष अनुसुइया मैखुरी बैठे नज़र आये। सरकार ने विपक्ष न होने के कारण केवल एक घंटे में 21 विधेयक  पास करा लिये। [/box]

गैरसैण । शुक्रवार को विधानसभा सत्रा के दूसरे दिन बिना विपक्ष की उपस्थिति के 1507.87 करोड़ का अनूपूरक बजट पास हो गया।

अनुपूरक मांगों में विधनसभा के खर्चो के लिए पांच करोड़ अस्सी लाख, न्याय प्रशासन विभाग के लिए आठ करोड़ सत्तर लाख व सत्तावन हजार, राजस्व एवं सामान्य प्रशासन के लिए दो सौ चार करोड़ तेइस लाख चैतीस हजार, वित्त कर नियोजन, सचिवालय तथा अन्य सेवाओं के लिए तीन सौ आठ करोड़ इक्कीस लाख पन्चानवे हजार,

पुलिस एंव जेल विभाग के लिए सत्राह करोड़ पन्चानवे लाख चोवन हजार, शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण तथा संस्कृति के लिए एक सौ तिरपन करोड़ उन्नीस लाख तिरसठ हजार, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण के लिए इक्यावन करोड़ अठ्ठत्तर लाख तैंतीय हजार, जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास के लिए एक सौ तिरासी करोड़ चैवन लाख इक्कीस हजार, सूचना विभाग के लिए तीस करोड़, कल्याए योजनाओं के लिए दो सौ एक करोड़ सत्तासी लाख सतहत्तर हजार, श्रम और रोजगार के लिए पाॅच करोड़ सत्तर लाख तिरानवे हजार, ‘

कृषि कर्म एवं अनुसंधन के लिए छिहत्तर करोड़ सत्राह लाख, सहकारिता के लिए दो करोड़, ग्राम्स विकास के लिए पांच करोड़ सत्राह लाख, सिंचाई एवं बाढ़ के लिए दो करोड़ अस्सी लाख नौ हजार, ऊर्जा विभाग के लिए दो करोड़, लोक निर्माण विभाग के लिए अस्सी करोड़ छियानवे लाख, उद्योग के लिए सैतालीस करोड़ चैरासी लाख साठ हजार,

परिवहन विभाग के लिए ग्यारह करोड़ दस लाख, खाद्य विभाग के लिए तीस करोड़ तीन लाख साठ हजार, पर्यटन के लिए दो करोड़ तेइस लाख, वन विभाग के लिए बारह करोड़, पशुपालन विभाग के लिए पच्चीस करोड़ अठ्ठानवे लाख पच्चीस हजार, औद्यानिक विकास के लिए छह करोड़ चैवन लाख, अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए चैदह करोड़ बयालिस लाख तिरानवे हजार एवं अनुसूचित जन जातियों के कल्याण के लिए आठ करोड़ उनसठ लाख पैंसठ हजार की मांगों को स्वीकृति दी गयी है।

ये विधेयक भी हुए पारित 

उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा, अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा विधेयक-2016
सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय उत्तराखंड विधेयक-2016
भगवंत ग्लोबल विश्वविद्यालय विधेयक-2016
उत्तराखंड जिला योजना समिति (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड ग्राफ़िक  एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2016
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय विधेयक-2016
उत्तराखंड सरकारी प्रत्याभूति की अधिकतम परिसीमन विधेयक-2016
उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड साहूकारी विनियमन (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड क्वांटम विधेयक-2016
उत्तराखंड परिवहन और नागरिक अवस्थापना उपकर (संशोधन) विधेयक  2016
उत्तरखंड निक्षेपक (जमाकर्ता) हित संरक्षण ;वित्तीय आस्थानों में (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडी (विकास एवं विनियमन) द्वितीय संशोधनद्ध विधेयक-2016
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा (संशोधन) विधेयक-2016
उत्तराखंड किसान आयोग विधेयक-2016
उत्तराखंड चलचित्र(;विनियमनद्ध) (संशोधन)  विधेयक-2016
उत्तराखंड कूड़ा पफेंकना एवं थूकना प्रतिषेध विधेयक-2016

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